30 Jul कोविड-19 महामारी का कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर प्रभाव
Impact of Covid-19 Pandemic on Agriculture and Allied Sectors वर्ष 2020 के पूर्वार्ध में शुरू हुए वैश्विक स्वास्थ्य संकट (कोविड-19 महामारी) का वैश्विक और भारतीय अर्थव्यवस्थाओं पर बहुत ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। वही अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF, 2020) ने दुनिया के सकल घरेलू उत्पाद में 3 प्रतिशत की गिरावट और भारत के सम्बन्ध में 1.9% की एक बहुत ही मामूली विकास दर का अनुमान लगाया था। जब की अन्य विभिन्न एजेंसियों ने अपने आकलन में भारत की सकल घरेलु उत्पाद में 0.2-0.5 प्रतिशत तक के गिरवाट का अनुमान लगाया था। आज लगभग दो साल के बाद, महामारी के उत्तारर्ध में अगर पूरी दुनिया के विभिन्न पहलुओं जैसे सामाजिक, आर्थिक और राजनितिक इत्यादि का अध्ययन किया जाये तो पाएंगे की इन सभी आयामों पर अत्यधिक नुकसान हुआ है और साथ ही साथ विभिन्न क्षेत्रों के व्यवसायों में अकल्पनीय व्यवधान उत्पन्न हुआ है। कृषि जो की हमारे देश की रीढ़ की हड्डी कही जाती है, वह भी इस महामारी के दुष्प्रभाओ से अछूता नहीं रह गया। इस संकट के अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। इसके अल्पकालिक प्रभावों का विश्लेषण में कृषि और उसके संबद्ध क्षेत्रों जिसमें बागवानी, पोल्ट्री, डेयरी तथा मत्स्य पालन इत्यादि शामिल हैं जब की विस्तृत रूप में तथा दीर्घकालिक प्रभाव अभी धीरे धीरे सामने आ रहे हैं। दीर्घकालिक...