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क्षारीय मृदाओं का सुधार Tag

Improvement of saline and alkaline soils  मृदाओं में अधिकांश मृदाये लवणीय हैं जिनका समुचित सुधार सतही मृदा से लवणों का निक्षालन ढलान के नीचे की ओर जल निकास नाली बनाकर किया जा सकता हैं इन मृदाओ में लवण सहिष्दु किस्मो का चयन कर फसलो की खेती करना अधिक लाभप्रद रहता हैं l क्षारीय मृदाओ का शेत्रफल करीब 18 से 20% हैं तथा ये मृदाऐ चूनायुक्त भी हैं l इन मृदाओ के सुधार हेतु निम्न प्रक्रियाए अपनानी चाहिए l इन मृदाओ को सुधारने की विधियों को तीन समूहों में वर्गीकृत किया जाता हैं:- भौतिक एवं जल –तकनीक सुधार रासायनिक सुधार जैविक सुधार l 1. भौतिक एवं जल – तकनीक सुधार :- यांत्रिक विधिया इन मृदाओ के भौतिक गुडों को सुधारने के लिए प्रयोग की जाती हैं l ये विधिया गहरी जुताई, अवमृदा गहरी जुताई, बालू भरावन तथा प्रोफाइल का उलटना –पलटना हैं l पहली तीन विधिया जल अन्तः स्यंदन को सुधारती हैं l मृदा पृष्ट पर उपस्थित कठोर परत को यांत्रिक साधनों से तथा अवमृदा में उपस्थित कठोर परतों को अवमृदा की गहरी जुताई से तोडा जाता हैं l जल एवं वायु पारगम्यता को बालू भरावन से सुधारा जाता हैं l प्रायः जल-तकनीक सुधार विधि सभी सुधार विधियों (जैविक, रासायनिक या भौतिक ) का एक आवश्यक भाग हैं l मृदा की सतह को खुरच कर- मृदा की उपरी सतह पर...