14 Jun बिहार राज्य में चीनी उद्योग की समस्याएँ, समाधान एवं संभावनाएँ
Problems, Solutions and Prospects of Sugar Industry in Bihar State गन्ना बिहार की एक महत्वपूर्ण नगदी औद्योगिक फसल है । राज्य में 28 चीनी मिलें हैं जिसमें 11 कार्यरत है और 17 (सतरह) बंद हो चुके है। चीनी मिल मुख्यतः उत्तरी बिहार के पश्चिमी एवं पूर्वी चम्पारण, गोपालगंज, सितामढ़ी तथा समस्तीपुर जिलों में स्थित है। इनके अलावा बिहार के भागलपुर तथा साहेबगंज क्षेत्र में 11 गुड़ के मिलें है तथा विभिन्न भागों में खाँडसारी का भी उत्पादन होता है। राज्य बँटवारे के बाद गन्ना आधारित अद्योग ही सबसे बड़ा उद्योग बन गया है। गन्ना उत्पादन पर ही चीनी उद्योग के साथ-साथ गुड़, खंडसारी, कागज, इथेनॅाल, पशु आहार एवं विद्युत-ऊर्जा, कार्बनिक खाद जैसे कई अन्य उद्योग निर्भर करते है। चीनी उद्योग एक सामयिक उद्योग है जिनमें साल में करीब 145 दिनों तक काम होता है एवं राज्य में ईख उत्पादकों की संख्या 5 लाख के करीब है। चीनी उद्योग प्रारम्भ में बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य उत्तरांचलों में केन्द्रित था। 1963-73 ई0 में 85 प्रतिशत चीनी का उत्पादन बिहार तथा उत्तर प्रदेश में होता था। उत्तरांचलों में ईख का पर्याप्त उत्पादन होने तथा पँूजी और उद्यम सुलभ रहने के कारण इन राज्यों में चीनी उद्योग का विकास हुआ। दक्षिण भारत के चीनी कारखानों, उत्तर भारत के कारखानों की अपेक्षा अधिक कार्यकुशल है जिनसे उनका...