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जल संरक्षण Tag

एशिया में सिंचाई वाले धान के लिए आमतौर पर लगभग 1300-1500 मिलीमीटर पानी की आवश्यकता होती है। सिंचाई वाले धान की खेती में दुनिया के कुल सिंचाई जल का अनुमानित 34-43%, या दुनिया के कुल विकसित मीठे पानी के संसाधनों का लगभग 24-30% पानी इस्तेमाल होता है। जल संरक्षण करने में मात्रा-आधारित सिंचाई अहम भूमिका निभाती है। इस लक्ष्य को पाने के लिए, सिंचाई प्रणाली जैसे खुली नहरों और बंद पाइपलाइनों, में मापन उपकरण का होना अतिआवश्यक है। जल संरक्षण तकनीकों जैसे टपक एवं फब्बारा सिंचाई प्रणालियाँ, खेतों की लेज़र लेवलिंग, पाइप से पानी पहुँचाने की प्रणालियाँ, नहरों की लाइनिंग और सिंचाई व वितरण प्रणालियों का भौतिक सुधार शामिल हैं। खेत-से-खेत सिंचाई का तरीका ज़्यादातर पूर्वी भारत, खासकर बिहार और झारखंड में प्रचलित है। इस तरीके में, पानी को खेत के ऊपरी हिस्से से निचले हिस्से तक पहुँचाने के लिए बिना किसी खास तकनीक के इस्तेमाल किए, ज़्यादातर खेत की मेड़ को सीधे काट दिया जाता है। ऐसी स्थितियों में, खेत-से-खेत सिंचाई का तरीका खेतों की उत्पादकता पर कई तरह से असर डालता है: पानी निकलने में कम समय लगना खेत में पानी का तेज़ी से गिरना खेत में पानी जमा रहने का समय कम होना खेत में पानी का वितरण ठीक न होना पानी की गहराई ठीक न होना खेतों में...

Importance of Bounding in Soil and Water Conservation मेढ़ बंधीकरण (बंडिंग) सीमांत, ढलान एवं पहाड़ी भूमि के लिए एक पारंपरिक, कम लागत वाला ,सरल भूमि प्रबंधन अभ्यास है । यह तकनीक  मृदा - अपरदन को नियंत्रित करने, जल प्रतिधारण को बढ़ाने एवं फसल उत्पादन में वृद्धि हेतु सफलतापूर्वक उपयोग की जाती है। मेढ़ (बंड) एक मिट्टी की तटबंध है जिसे ढलान को नियंत्रित करने के लिए बनाया जाता है, एवं ढलान की लंबाई को कम करके मृदा-अपरदन को कम किया जाता है। यह मृदा-अपरदन को नियंत्रित करने के लिए एक यांत्रिक / अभियांत्रिकीय विधि है। इस अभियांत्रिकीय उपाय में मुख्य रूप से ढलान वाली भूमि सतह का संशोधन करके बहते हुए जल को संरक्षित किया जाता है एवं इस जल के बहाव से उत्पन्न होने वाले मृदा क्षरण/ कटाव में कमी आती है। मेढ़ बंधीकरण के मुख्य उद्देश्य: (i) यह भूमि सतह पर जल के ठहराव के समय को बढ़ाता है एवं  भूमि के जल स्तर को बढ़ाने में सहायता करता है, (ii) कई बिंदुओं पर बाधा उत्पन्न करके जलप्रवाह गति  को कम करता है, एवं (iii) मिट्टी को जल के प्रवाह से होने वाले क्षरण से बचाता है। मेड़ (बंड्स ) के प्रकार एवं उनको बनाने के तरीके मेड़ एक तटबंध है जिसका निर्माण  भूमि ढलान कि लंबवत दिशा में किया जाता है । खेतों में मृदा क्षरण...