20 Oct पपीते की खेती की समीक्षा और रोग प्रबंधन
Papaya cultivation Review and Diseases Management पपीता एक उष्णकटिबंधीय फल है। इसका वैज्ञानिक नाम कैरिका पपाया है। इसकी उत्पत्ति का स्थान कोस्टा रिका और दक्षिण मैक्सिको माना जाता है। यह एक सदाबहार फलदार वृक्ष है। पपीता बहुत ही पौष्टिक व स्वादिष्ट होने के साथ-साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है। यह विटामिन सी का अच्छा स्त्रोत है। इसके लाभदायक गुणों को देखते हुए ये हमारे दैनिक आहार का हिस्सा बन गया है। पपीता की खेती भारत के अलावा ब्राजील, अमेरिका, मैक्सिको, इंडोनेशिया, नाइजीरिया, चीन, इथोपिया और थाईलैंड में भी बड़े पैमाने पर की जाती है। भारतीय परिदृश्य पुर्तगालियों द्वारा यह फल वृक्ष 1611 में भारत में लाया गया । भारत में पपीता का उत्पादन करने वाले प्रमुख राज्य उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, आसाम, गुजरात, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल हैं। भारत में पपीता उत्पादक क्षेत्र में 63 प्रतिशत वृद्धि जो कि 45.2 हजार हेक्टेयर 1991-92 में तथा 73.7 हजार हेक्टेयर 2001-2002 में दर्ज की गई है। अब यह क्षेत्र 97.7 हजार हेक्टेयर हो गया है और सालाना पैदावार 3628.9 हजार मैट्रिक टन दर्ज की गई है। इसकी खेती अन्य फलदायक वृक्षों जैसे कि आम, अमरूद, बेर तथा नींबू के बीच खाली जगह में भी की जा सकती है। उत्तरी राज्यों में यह फसल डेढ़ साल बाद तथा दक्षिणी राज्यों में एक साल...