20 May पारिस्थितिक अभियांत्रिकी द्वारा फसलों में कीट प्रबंधन
Pest management in crops by ecological engineering फसलों में कीट प्रबंधन के लिए पारिस्थितिक अभियांत्रिकी हाल ही में एक नए आयाम के रूप में उभरी हे जिसमे मुख्यतया कृषिगत क्रियाओ द्वारा कीटो के निवास स्थान में हेर फेर किया जाता हे, ताकि हानिकारक कीटो का जैविक नियत्रण हो सके । यह विधि आधुनिक काल में प्रचलित अन्य तरीको जैसे संश्लेषित कीटनाशको, किट प्रतिरोधी किस्मो इत्यादि से परे, पारिस्थितिक ज्ञान पर आधारित हे। वर्तमान में बढ़ते हुए कीटनाशी रसायनो के अंधाधुन्द उपयोग से कृषि पारिस्थितिक तंत्र में मित्र कीटो की जैव विविधता में काफी कमी आई हे I इसीलिए जरुरी हे की फसलों में मित्र कीटो की जैव विविधता में बढ़ावा देने वाली क्रियाये अपने जाये जो भविष्य में कृषि क्षेत्र में सतत विकास के लक्ष्यो को प्राप्त करने में सक्षम हो सके I पारिस्थितिक आभियांत्रिकी क्या हे? पारिस्थितिक अभियांत्रिकी कीट नियंत्रण की एक पारिस्थितिकीय विधि हे जिसमे पराग या नेक्टर उपलब्ध करने वाली फसलों को मुख्या फसल के किनारो पर तथा मध्य में पाश फसलों, किटकारी पोधो, अंतराशस्य, मिश्रित शस्य को ढकने वाली फसलों के रूप में लगाया जाता हे ताकि यह फैसले अधिक से अधिक संख्या में मित्र कीटो को आकर्षित कर हानिकारक कीटो की समष्टि को कम कर सके। इस विधि में मित्र कीटो को छोटा पशुधन समझा जाता हे तथा उनके लिए...