06 Oct बाढ़ के खेती पर दुष्प्रभाव एवं उससे बचाव के उपाय
Adverse effects of flood and measures to prevent it आसाम और बिहार मे हर साल बाढ़ की वजह से करीब अनेक लोग मारे जाते है। पिछले साल 45 लाख से ज्यादा लोग इससे सीधे प्रभावित हुए थे। इस साल 2020 मे भी वही परिस्थिति है, हालत बत से बत्तर हो गई है। लाखों लोगों की जिंदगी पर इससे फर्क पड़ा है। उत्तरी बिहार की 76% आबादी बाढ़ की तबाही के आवर्ती खतरे मे है और बिहार के भोगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 73.06% भाग बाढ़ से प्रभावित हुआ है। आसाम हमेशा से भारत मे सबसे ज्यादा बाढ़ से ग्रस्त रहने वाला राज्य रहा है, इसके पीछे का मुख्य कारण आसाम से गुजरती नदी ब्रह्मपुत्र है, यह नदी एक बहुत ही अस्थिर नदी है, जो की अपनी दिशा को बहुत ज्यादा बदलती है। इसका अस्थिरता के पीछे का कारण एक बड़ा भूकंप था जो की सन् 1950 मे आसाम मे आया था। सन् 1950 से 2010 तक करीब 12 मुख्य बाढ़ आसाम मे आई है, तथा पिछले की सालों मे बाढ़ आने की तीव्रता भी ज्यादा देखी गई है। बाढ़ की ज्यादा तीव्रता तथा बाढ़ आने की संख्या मे वृद्धि के कुछ मुख्य कारण है :- बड़े पैमाने पर जंगलों से पेड़ों का काटा जाना। अनियोजित विकास जो की बाढ़ के मैदानों और आद्र.भूमि पर अतिक्रमण के तहत...