03 Dec खाद्य सुरक्षा में सुधार और कुपोषण से लड़ने के लिए बायोफोर्टिफिकेशन तकनीक
Biofortification technology to improve food security and fight malnutrition सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी शरीर को विभिन्न तरीकों से प्रभावित करती है जिसे दूसरे शब्दों में कुपोषण भी कहते हैं। कुपोषण हमारे दैनिक आहार में पोषक तत्वों की कमी के कारण होता है। दुनिया की लगभग आधी आबादी को अपने आहार में सूक्ष्म पोषक तत्वों, प्रोटीन, विटामिन और अन्य आवश्यक तत्वों की कमी का सामना करना पड़ता है। कुपोषण मानव की क्षमता के विकास में बाधक तो है ही उसके साथ-साथ ये देश में खासकर औरतों एवं बच्चों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी रोकता है। मनुष्यों को उनकी सेहत के लिए कम से कम 22 खनिज तत्वों की आवश्यकता होती है। उपयुक्त आहार द्वारा इसकी आपूर्ति की जा सकती है। एक अनुमान के अनुसार दुनिया के 60 अरब लोगों में से 60 प्रतिशत में लौह तत्व की कमी है, 30 प्रतिशत से अधिक में जिंक तत्व की कमी, 30 प्रतिशत में आयोडीन और 15 प्रतिशत जनसंख्या में सेलेनियम की कमी है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी के परिणामस्वरूप उच्च रुग्णता, उच्च मृत्यु दर, कम संज्ञानात्मक क्षमता, कार्य क्षमता में हास, और विकास क्षमता में कमी जैसी समस्या होती है। बायोफोर्टिफिकेशन रणनीतियों को सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी के लिए नियोजित किया जा सकता है। विकासशील देशों में पोषक तत्वों की कमी की...