03 Oct Improved Varieties of Okra
भिण्डी की उन्नत किस्में Varieties Developed By Average yield (q/ha) Characters काशी सातधारी (आई. आई. वी. आर. – १०) Kashi Saatdhari IIVR Varansi 130-140 यह प्रभेद विषाणु जनित व्याधि (पित्त शीरा मोजैक एवं प्रारम्भिक पर्ण कुंचन) से मुक्त है। पुष्पन की क्रिया बुवाई से ४०-४२ दिनों पश्चात् प्रारम्भ हो जाती है, जबकि इस प्रभेद से कुल १३०-१४० कुन्तल प्रति हेक्टेयर तक उपज प्राप्त की जा सकती है। काशी क्रांति Kashi Kranti IIVR Varnasi 125-140 यह प्रभेद विषाणु जनित व्याधि (पित्त शीरा मोजैक एवं प्रारम्भिक पर्ण कुंचन) के प्रति प्रतिरोधी है। पुष्पन की क्रिया बुवाई से ४५-४६ दिनों पश्चात् प्रारम्भ हो जाती है, जबकि इस प्रभेद कुल उपज क्षमता १२५-१४० कुन्तल प्रति हेक्टेयर तक मापी गयी है। काशी विभूति (वी. आर. ओ. - ५) Kashi Vibhuti IIVR Varnasi 120-150 यह प्रभेद विषाणु जनित व्याधि (पित्त शीरा मोजैक एवं इनेसन) से मुक्त है। पुष्पन की क्रिया बुवाई से ३८-४० दिनों पश्चात् प्रारम्भ हो जाती है, जबकि इस प्रभेद से कुल १२०-१५० कुन्तल प्रति हेक्टेयर तक उपज प्राप्त की गयी है। सलैक्सन-2 Selection-2 NBPGR New Delhi - YVMV toleranct. Suitable for summar and kharif both. Fruits green long, 5 edged and tender. प्रभनी क्रांति Parbhani Kranti Parbhani 80-100 यह प्रभेद भी विषाणु जनित व्याधि (पित्त शीरा मोजैक) के प्रति सहनशील पायी गयी है। इसकी फली भी गहरे हरे रंग की लगभग १५ सेन्टीमीटर लम्बी होती है, जबकि कुल उपज क्षमता ८०-१०० कुन्तल प्रति हेक्टेयर तक आंकी गयी है। संकर को-3 Hybrid-Co-3 कोयम्बटूर 160-180 Moderate resistance to YVMV....