Agriculture Knowledge for Everyone

मछली बीज Tag

कार्प मछली बीज बनाना Katla, Rohu, Mrigal, Silver Carp, Grass Carp and Common Carp are called Major Carp. Carp seed farming is generally divided into two life phases called nursery and rearing phase. कार्प मछली बीज बनाना कतला, रोहू, मृगल, सिल्वर कार्प, ग्रास कार्प और कॉमन कार्प को मेजर कार्प कहा जाता है । कार्प के बीज पालन में आम तौर पर दो जीवन चरणों में बाटा गया है  जिसे नर्सरी (Nursery) और पालन चरण (Rearing phase) कहा जाता है।  नर्सरी पालन (Nursery Rearing): स्पॉन पालन (Spawn Rearing) के लिए 0.5 से 1.0 एकड़ क्षेत्र वाली भूमि और 1 मीटर पानी की गहराई वाले तालाब को आदर्श माना जाता है। मीटर पानी की गहराई के साथ 50-100 मीटर2 की बड़ी कंक्रीट टैंक नर्सरी भी उच्च घनत्व के पालन के लिए मुख्यतः  उपयोग किया जाता  है। सूखे तालाब में 30 से.मी. की गहराई तक पानी डालने के बाद 12 क्विंटल की दर से कच्ची गाय के गोबर से खाद दी जाती है । 2 दिनों के बाद, जल स्तर 1 मीटर तक बढ़ दिया जाता है। बारहमासी तालाब (Perennial pond) के मामले में जलीय खरपतवारों का उन्मूलन (Eradication) पहले किया जाना चाहिए। चूंकि नर्सरी पालन के लिए छोटे तालाबों का उपयोग किया जाता है, इसलिए खरपतवारों को मैन्युअल रूप से मिटाया जा सकता है ताकि शाकनाशियों (Herbicides) के उपयोग...

Air breathing fish (magur) seed production method वायु श्वासीय (मागुर) मछली सिलुरिफोर्मिस वर्ग में आता है। यह मछली भारतीय मागुर (कैट फिशेष) के नाम से जाना जाता है। यहॉ मागुर की तीन प्रजाती पायी जाती है। क्लेरिअस मागुर, क्लेरिअस गरिएपिनस, क्लेरिअस मेक्रोसिफेलस (Clarias magur, C. gariepinus, C. macrocephalus), ये मछली देरेलिक्ट पानी में पायी जाती है जिसमे घुलनशील ऑक्सीजन कम और बहुत अधीक मात्रा में कार्बनडाइ-आकसाईड, मेथेन, अमोनिया पायी जाती है। इन मछलियो मे सहायक शवसन (Accessory respiratory organ) अंग पाया जाता है इस मछलीयों कम पानी में बहुत अच्छा उत्पादन होता है। यह मछली छह से आठ माह में २०० – २५० ग्राम की हो जाती है और एक वर्ष बाद यह मछली प्रजनन के लिये तैयार हो जाती है। Fig. वायु श्वासीय (मागुर) मछली नर और मादा को पहचानना नर का जनन अंग उभार और नुकीला होता है। जबकि मादा का जनन अंग गोल या अंडाकार होता है। इसके अतिरिक्त मादा का गुदा द्वार कुछ रक्त वर्ण, गोल और उभरा हुआ होता है। लेकिन नर में पतला और सफेद जैसा होता है, प्रजनन काल में मादा का उदर उभरा हुआ रहता है। जबकि नर में उदर उभरा हुआ नही होता है। यदि परिपक्व मादा का उदर दबाव में आता है तो, जनन अंग द्वारा अंडा स्त्राव होने लगता है। जबकि परिपक्व नर का उदर...