17 Nov Cultivation of quality field pea with advanced technology
उन्नत तकनीक से गुणवतायुक्त फील्ड मटर की खेती मटर (पाइसम सटाइवम उप-प्रजाति अरवेंस एल.) की खेती विभिन्न उपयोग के आधार पर की जाती हैं जैसे सब्जी, दाल व बीज के लिये इसमें फील्ड मटर की खेती मुख्यत दाल व बीज के लिये की जाती हैं | भारत में 7.9 लाख हेक्टेयर क्षेत्र पर 8.3 लाख टन मटर का उत्पादन होता हैं, राजस्थान में इसका क्षेत्र 2.6 हजार हेक्टेयर में 4.7 हजार टन पैदावार होती हैं | रबी मौसम में दलहनी फसलों में इसका प्रमुख स्थान हैं, ये केवल प्रोटीन का ही अच्छा स्त्रोत नहीं बल्कि इसमें विटामिन्स, फोस्फोरस और लोहा भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं | दाल मटर का प्रयोग दाल के साथ-साथ बेसन के रूप में भी किया जाता हैं | जलवायु : यह शरद ऋतु में बोई जानी वाली फसल हैं, इसके लिये शुष्क एवं ठंडा मौसम उपयुक्त हैं, बीज के अंकुरण के लिये 20-22 डिग्री सेल्सियस तथा पौधों के वानस्पतिक बढवार के लिये 10-18 डिग्री सेल्सियस तापमान होना चाहिए फूल व फलिया बनते समय अधिक व कम तापमान से नुकसान होता हैं पाले के प्रति ये बहुत संवेदनशील होता हैं | भूमि एवं खेत की तैयारी : मटर की खेती के लिये दोमट व हल्की दोमट मिट्टी उपयुक्त रहती हैं, साथ ही पी.एच्. भी 6.5-8.5 रहना चाहिए | अच्छी पैदावार के...