09 Aug मधुमक्खी पालन : ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढानें हेतु एक बेहतरीन विकल्प
Apiculture : Better way for increasing income in rural areas शहद और इसके उत्पादों की बढती मांग के कारण मधुमक्खी पालन एक लाभदायक एवं आकर्षक व्यवसाय बनता जा रहा है। इसमे कम समय, कम लागत व कम पूंजी निवेश की जरूरत होती है। मधुमक्खी पालन फसलों के परागण में सहायक होकर फसलों की उत्पादकता में भी वृद्धि करता है। मधुमक्खी पालन व्यवसाय शुरू करने से पहले कम से कम एक वर्ष का योजना प्रारूप तैयार करना चाहिए। मधुमक्खी पालन व्यवसाय में आवश्यक सामग्री : लकड़ी का बॉक्स, बॉक्स फ्रेम, जालीदार कवर, दस्तानें, चाकू, शहद रिमूविंग मशीन और ड्रम इत्यादि। मधुमक्खियों का आवास : मधुमक्खियों का घर यानि मधुमक्षिकागृह एक लकड़ी का बना बॉक्स/संदूक होता है, जिसमें दो खण्ड होते है। नीचे के तीन-चौथाई खण्ड को शिशु खण्ड कहते है क्योंकि इसमें रखे छते में अण्डे, शिशु तथा स्वयं मक्खियों के लिए अशुद्ध शहद एवं पराग संचित रहता है। ऊपर के एक-चौथाई खण्ड में मधुमक्खिया शहद जमा करती है, इसे मधु कक्ष कहते है। दोनो खण्डो के बीच एक जालीदार अवरोध रहता है, जिसमें से श्रमिक मधुमक्खिया तो एक खण्ड से दूसरे खण्ड में आ और जा सकती है परन्तु रानी मधुमक्खी नहीं। लकड़ी का यह बॉक्स चारों तरफ से बंद रहता है केवल नीचे के तल में एक छिद्र होता है, जिसमें से एक बार...