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सब्जी बगीचा Tag

शहरी आबादी में पोषण सुरक्षा के लिए किचन गार्डन Vegetable crops can be grown in kitchen gardening in vary limited space of the residential area to meet the daily requirements of vegetables of a family all the year round. It ensures a healthy diet containing macro, micro nutrients, vitamins and bio active compounds by producing diverse kind of vegetables. The fast food in city areas has evolved with the changing lifestyles of the young population. This fast food contributes little or no nutrient value to the diet, but instead provides excess calories and fat which affects health and resulting in obesity, loss of appetite, peptic ulcer, etc. Vegetables play an important role to make our food palatable, easily digestible, balanced and nutritive. Vegetables grown in kitchen garden are fresh, safe, rich in nutrient and energy and superior in taste and quality in comparison to vegetables available in market for consumption. Kitchen garden for nutritional security The demand of nutritious vegetables is met by kitchen garden which not only improves availability of quality vegetables but also add diversity to diet, chemical free vegetables. It made the availability of fresh and safe vegetables all the year round. Efficient and effective use of land for growing of vegetables for throughout the year. Efficient utilization of kitchen waste and water to produce...

Kitchen Garden for regular and fresh vegetables सब्जी बगीचा मे सब्जी उत्पादन का प्रचलन प्रचीन काल से चला आ रहा है। अच्छे स्वास्थ्य के लिये दैनिक आहार मे संतुलित पोषण का होना बहुत जरूरी है। फल एवं सब्जियां इसी संतुलन को बनाये मे अपना महत्वपूर्ण योगदान देते है, क्योकि ये विटामिन, खनिज लवण, कार्बोहाइड्रेट, वसा व प्रोटीन के अच्छे स्त्रोत होते है। फिर भी यह जरूरी है कि इन फल एवं सब्जियो की नियमित उपलब्धता बनी रहे इसके लिये घर के चारो तरफ उपलब्ध भूमि पर घर के साधनो जैसे- उपलब्ध भूमि मे रसोर्इ व नहाने के पानी का समुचित उपयोग करते हुये स्वयं एवं परिवार के सदस्यो की देखरेख व प्रबंधन मे स्वास्थ्यवर्धक व गुणवत्तायुक्त मनपसंद सब्जियो, फलो व फूलो का उत्पादन कर दैनिक आवश्यकता की पूर्ति की जा सकती है। भोजन शास्त्रियो एवं वैज्ञानिको के अनुसार संतुलित भोजन के लिये एक व्यस्क व्यक्ति को प्रतिदिन 85 ग्राम फल एवं 300 ग्राम सब्जियां खानी चाहिये। जिसमे लगभग 125 ग्राम हरी पत्तेदार सब्जियां, 100 ग्राम जड़ वाली सब्जियां एवं 75 ग्राम अन्य प्रकार की सब्जियो का सेवन करना चाहिये। लेकिन वर्तमान मे इनकी उपलब्धता मात्र 145 ग्राम है। घर की बगीचा मे सब्जी उत्पन्न करना कर्इ दृष्टिकोण से लाभप्रद है जिससे परिवार के सदस्यो के स्वास्थ्य तथा ज्ञान की वृ़िद्ध होती है। इसमे जगह का...

Vegetable garden: Need of the time अच्छे स्वास्थ्य के लिए दैनिक आहार में संतुलित पोषण का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। फल एवं सब्जियाँ इसी संतुलन को बनाए रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते है क्योंकि ये विटामिन, खनिज लवण तथा कार्बोज के अच्छे स्रोत होते हैं। फिर भी ये जरुरी हैं कि इन फल एवं सब्जियों की नियमित उपलब्धता बनी रहे. इसके लिए घर के पिछवाडें मे पडी जमीन पर खेती करना बहुत ही लाभदायक उपाय हैं। पोषाहार विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित भोजन के लिए एक वयस्क व्यक्ति को प्रतिदिन ८५ ग्राम फल और ३०० ग्राम साग-सब्जियों का सेवन करना चाहिए। परन्तु हमारे देश में साग-सब्जियों का वर्त्तमान उत्पादन स्तर प्रतिदिन, प्रतिव्यक्ति की खपत के हिसाब से मात्र १२० ग्राम है। सब्जी बगीचा उपलब्ध स्वच्छ जल के साथ रसोईघर एवं स्नानघर से निकले पानी का उपयोग कर घर के पिछवाड़े में उपयोगी साग-सब्जी उगाने की योजना बना सकते हैं।  एकत्रित अनुपयोगी जल का निष्पादन हो सकेगा और उससे होने वाले प्रदूषण से भी मुक्ति मिल जाएगी। सीमित क्षेत्र में साग-सब्जी उगाने से घरेलू आवश्यकता की पूर्ति भी हो सकेगी।  सब्जी उत्पादन में रासायनिक पदार्थों का उपयोग करने की जरूरत भी नहीं होगी।  अतः यह एक सुरक्षित पद्धति है तथा उत्पादित साग-सब्जी कीटनाशक दवाईयों से भी मुक्त होंगी। सब्जी बगीचा के लिए स्थल सब्जी बगीचा के लिए स्थल घर का...