Postharvest

Natural properties of mustard and value added products  सरसों का तेल अपनी कम संतृप्त फैटी एसिड सामग्री और ट्रांस वसा की अनुपस्थिति के कारण स्वास्थ्यप्रद तेलों में से एक है। यह आवश्यक फैटी एसिड ओमेगा 3 और ओमेगा 6 प्रदान करता है जो हृदय रोगों के जोखिम को कम करता है। सरसों के तेल में गुणकारी तत्त्व फाइटोन्यूट्रियंट्स जैसे फिनोलस, कैरोटीनोइड, फिटोस्टरोल, सेलेनियम, ग्लूकोसिनॉल्स, विटामिन सी और टोकोफेरॉल की की उपस्थिति के कारण इसकी गुणवता में अधिक वृद्धि होती है। भारतीय सरसों को मिट्टी से भारी धातुओं और अन्य खनिजों (जैसे कैडमियम, आर्सेनिक और सीसा) को शामिल करने की प्रवृत्ति के लिए जाना जाता है। इस संपत्ति का उपयोग उच्च-सेलेनियम सरसों को...

Sorting and Grading of fruits and vegetables for increasing the income of farmers. फलों एवं सब्जियों में गुणवत्ता की श्रेणी को मापने के लिए उनकी छंटाई एवं वर्गीकरण किया जाता है। यह उनकी उपयोगिता एवं मूल्यवर्धन को स्थापित करने में मदद करता है। छंटाई एवं वर्गीकरण ताजे फलों एवं सब्जियों में बाजारीकरण के लिए एक बहुमूल्य साधन है। यदि कि‍सान अपने कृषि‍ उत्पाद का पंजीकरण करवाना चाहता हो तो भी शुद्ध वर्गीकरण मापक की आवश्यकता होती है।  कृषि उत्पाद वर्गीकरण एवं विपणन एक्ट 1937 योजना के अन्तर्गत डाइरेक्टोरेट आफ मार्केटिंग एण्ड इन्सपेक्सन (डीएमआई) भारत मेंं कृषि उत्पाद के वर्गीकरण का प्रमाणीकरण करता हैं छंटाई एवं वर्गीककरण का महत्व छंटाई एवं वर्गीकरण का मुख्य उद्देश्य उत्‍पाद  को विभिन्न...

Indigenous Turmeric Processing Methods छत्तीसगढ़ में हल्दी की फसल कि खेती विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग समय में की जाती है। इस फसल के लगभग 50% उत्पादक किसान आदिवासी होते हैं और आम तौर पर अपने बड़ियो में स्वदेशी तरीकों के माध्यम से फसल उत्पादन करते हैं। वार्षिक रिपोर्ट, 2015-16 के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य का पुरे भारत में हल्दी उत्पादन के क्षेत्र में लगभग 11.80 प्रतिशत योगदान रहा है। राज्य में हल्दी का उत्पादन 9, 747 हेक्टेयर भूमि से लगभग 83,470 लाख टन का था तथा साल दर साल राज्य का उत्पादन क्षेत्र बढ़ रहा है,   हल्दी उत्पादन के मुख्य जिले धमतरी, कोरबा, जगदलपुर, सरगुजा, जशपुर, कोंडगाँव, बालोद, सूरजपुर और बलरामपुर है। किए...

Scientific method to prepare the preserved product of palm fruits खजूर पामी कुल के अंतर्गत फोनिक्स जाति की कई उपजातियों को प्राय: खजूर नाम दिया जाता है। इनमें फोनिक्स डैक्टिलिफेरा और फोनिक्स सिल्वेस्ट्रिस विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। खजूर भारत में अनेक जगह उगाया जाता है। खजूर की खेती भारत मे हरियाणा, पंजाब, गुजरात पश्चिमी राजस्थान के बीकनेर, बाड्मेर, जेसलमेर, जोधपुर, श्री गंगानगर, चूरु व नागोर जिलो मे होती है। खजूर का पेड़ विश्व के सबसे सुन्दर सजावटी पेड़ों में से एक माना जाता है और इसे सड़कों राजमार्गो और मुख्य रास्तों पर शोभा के लिए भी लगाया जाता है। खजूर के ताजे पके फल को खजूर, पिंड खजूर तमर या खुर्मा और पके, सूखे...

Processing of Chironji Seeds (charoli seeds ) and  evaluation of Chironji Decortication Machine developed by IGKV चिरौंजी (Buchnania lanzan) का पेड एनाकार्डिशी कुल के अंतर्गत आता है| इसे चारोली के नाम से भी जाना जाता है| इसका उपयोग भारतीय पकवानों में किया जाता है तथा यह प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, खनिज, फाईबर, विटामिन और सुक्ष्म पोषक तत्वों की समृध स्रोत है| चारोली का वृक्ष अधिकतर सूखे पर्वतीय प्रदेशों में पाया जाता है| दक्षिण भारत, उड़ीसा, हिमाचल प्रदेश आदि स्थानों पर यह वृक्ष विशेष रूप से पाए जाते है| छत्तीसगढ़ में बस्तर से लेकर कांकेर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, महासमुंद, सरगुजा आदि क्षेत्रो के वनों में चिरौंजी के पेड़ प्राकृतिक रूप से विद्यमान है|  बस्तर संभाग के...

Value Addition Techniques, Restrictions and Solutions in Vegetables वैश्विक स्तर पर सब्जियों के उत्पादन और विविध सब्जी-उत्पाद के कारोबार में व्यापक वृद्धि हुई है। बढ़ती आय,घटते परिवहन लागत, नई उन्नत प्रसंस्करण तकनीक और वैश्वीकरण ने इस विकास के लिए प्रेरित किया है। लेकिन यह वृद्धि, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और प्रसंस्करण के धीमी विकास से मेल नहीं करता है। क्षय को कम करने, विस्तार और विविधीकरण के लिए प्रोसेसिंग सबसे प्रभावी उपाय है। प्रसंस्करण गतिविधियां, ताजा उपज के लिए बाजार के अवसरों में वृद्धि करते हुए मूल्य वृद्धि करते हैं तथा पोस्टहर्स्ट हानियों को कम करते हैं। प्रसंस्करण, खेती की आय में वृद्धि, ग्रामीण रोजगार सृजन और विदेशी मुद्रा उत्पन्न करके कृषि उत्पादन प्रणालियों की...

कट फ्लावर की कटाई के बाद देखभाल या हैंडलिंग कैसे करें।  In agriculture, post harvest handling is the stage of crop production immediately following harvest, including cooling, cleaning, sorting and packing. Post-harvest treatment largely determines final quality, whether a crop is sold for fresh consumption, or used as an ingredient in a processed food product. The most important goals of post-harvest handling are to keep the product cool, to avoid moisture loss and slow down undesirable chemical changes, and avoiding physical damage such as bruising. Initial post-harvest storage conditions are critical to maintain quality. Each crop has an optimum range for storage temperature and humidity. Also, certain crops cannot be effectively stored together,...

Chief measures for Safe Seed Storage भंडारण के दौरान बीज व अनाज  को क्षति पहुंचाने में कीट अपना अहम् किरदार निभाते हैं। भंडार कीटों की लगभग 50 प्रजातियां हैं जिनमें से करीब आधा दर्जन प्रजातियां ही आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। भंडार कीटों में कुछ कीट आंतरिक प्राथमिक तो कुछ बाह्य (गौड़) भक्षी होते हैं। ऐसे कीट जो स्वयं बीज को सर्वप्रथम क्षति पहुंचाने में सक्षम होते हैं वे प्राथमिक कीट कहे जाते हैं। इनमें सूंड वाली सुरसुरी, अनाज का छोटा छिद्रक प्रजातियां प्रमुख हैं। गौड़ कीट वे हैं जो बाहर रहकर भू्रण या अन्य भाग को क्षति पहुंचाते हैं। इनमें आटे का कीट, खपरा बीटल, चावल का पतंगा आदि प्रमुख हैं।  अलग-अलग प्रकार के बीजों...