30 Oct भारतीय मिट्टियों का वर्गीकरण।
Classification of Indian Soils. भारतवर्ष जैसे विशाल देश में विभिन्न प्रकार की मिट्टियाँ पाई जाती हैं. भारतीय मिट्टी का सर्वेक्षण विष्लेश्ण कई सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों ने किया है। यहां पार्इ जाने वाली मिट्टी के मुुुुख्यत 5 प्रकार हैैै। जलोढ़ मिट्टी , काली मिट्टी , लाल मिट्टी , लैटेराइट मिट्टी (बलुई), तथा रेतीली (रेगिस्तानी मिट्टी)। 1. जलोढ़ मिट्टी जलोढ़ मिट्टी को दोमट और कछार मिट्टी के नाम से भी जाना जाता है. नदियों द्वारा लाई गई मिट्टी को जलोढ़ मिट्टी कहते हैं. यह मिट्टी हमारे देश के समस्त उत्तरी मैदान में पाई जाती है. प्रकृति से यह एक उपजाऊ मिट्टी होती है. उत्तरी भारत में जो जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है। वह तीन मुख्य नदियों द्वारा लाई जाती है – सिन्धु, गंगा और ब्रह्मपुत्र. इसलिए हम समझ सकते हैं कि यह मिट्टी राजस्थान के उत्तरी भाग, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिमी बंगाल तथा असम के आधे भाग में पाई जाती है. भारतीय प्रायद्वीप के दक्षिणी भाग में पूर्वी तट पर भी जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है. यह मिट्टी कृषि के लिए बहुत उपयोगी है. ये मिट्टी नदियों के द्वारा जमा किए गए तलछट से बनती है। ये खाद से भरपूर और बहुत उपजाऊ होती है। ये उत्तरी मैदानों, नर्मदा और तापी की निचली घाटियों और उत्तरी गुजरात में पायी जाती है। इसका हर साल नवीनीकरण होता है । चावल, गेहूं, गन्ना, जूट...