29 Jul उन्नत तकनीकों से बिहार में गन्ना उत्पादन में वृद्धि
Increase in sugarcane production in Bihar with improved techniques ईख की खेती बिहार के किसानों की अर्थव्यवस्था का आधारभूत स्तम्भ है। इस आधुनकि युग में गन्ना किसान, गन्ना शोध संस्थान, चीनी उद्योग व्यवस्था एवं गन्ना विकास विभाग के सामुहिक सक्रिय प्रयास से ही लक्ष्य को प्राप्त करना संभव है। किसानों के साथ चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति में वृद्धि की काफी प्रबल संभावनाऐं हैं। गन्ने का उत्पादन प्रति एकड़ कम हो रहा है, आय घट रही है तथा उत्पादन लागत बढ़ रहा है। इसका मुख्य कारण आधुनकि तकनीक से खेती करने की विस्तृत जानकारी का अभाव है। अभी भी गन्ने की खेती पुरानी पद्धति से बड़े पैमाने पर किसान बँधुओं द्वारा किया जा रहा है। अत: किसानों को उन्नत तकनीकों को अपनाकर खेती करने हेतु बड़े पैमाने पर जागरूक करने की आवश्यकता है ताकि प्रति ईकाई उत्पादकता में वृद्धि एवं उत्पादन लागत में कमी कर किसान एवं चीनी उद्योग की आर्थिक स्थ्तिी मजबुत हो सके एवं आत्म निर्भर बन सके। अन्य प्रदेशों के तुल्ना में बिहार प्रदेश की उत्पादकता बहुत कम है। गन्ने की उत्पादकता कम होने के कई कारण है, जैसे कि अनुशांसित प्रभेदों की खेती ना होना, विभिन्न परिस्थितियों के लिए गन्ने के उपयुक्त प्रभेदों की कमी , रोप हेतु सही विधि तथा उचित समय का अनुसरण ना करना, कीट व्याद्यि...