29 Sep बैंकसिया की खेती: भारतीय किसानों के लिए व्यावहारिक निर्देशिका
1. परिचय बैंकसिया ऑस्ट्रेलिया का एक बहुवर्षीय और सदाबहार पौधा है जो प्रोटीएसी परिवार से आता है। इसकी पहचान इसके लंबे बेलनाकार फूलों के स्पाइक हैं। एक स्पाइक में सैकड़ों छोटे फूल एक साथ खिलते हैं। फूलों का रंग क्रीम, पीला, नारंगी, लाल या गुलाबी होता है। इसके फूलों में मकरंद अधिक बनता है जो मधुमक्खियों को आकर्षित करता है। भारत में कट फ्लावर, लैंडस्केपिंग और सजावटी बाज़ार में नए तरह के फूलों की मांग बढ़ रही है, जहाँ बैंकसिया एक गैर-पारंपरिक विकल्प बन सकता है। 2. बैंकसिया के मुख्य उपयोग ताज़े कट फ्लावर: स्पाइक मज़बूत होते हैं और कटाई के बाद गमलों में 2 से 3 सप्ताह तक ताज़े बने रहते हैं। सूखे फूल: सूखने पर भी इनका आकार और रंग बना रहता है। क्राफ्ट, वॉल हैंगिंग और सूखे गुलदस्तों में इसका उपयोग होता है। लैंडस्केपिंग: फार्महाउस, रिसॉर्ट, पार्क और सड़क किनारे लगाने के लिए इसकी मध्यम और बड़ी किस्में काम आती हैं। गमले एवं शहरी बागवानी: इसकी बौनी किस्मों को छोटे बगीचों और गमलों में आसानी से लगाया जा सकता है। मधुमक्खियों का पालन: मकरंद अधिक होने के कारण यह मधुमक्खियों के पालन के लिए अच्छा स्रोत है। [gallery type="columns" columns="2" link="file" size="full" ids="12627,12626"] 3. प्रमुख प्रजातियां एवं किस्में कट फ्लावर के लिए बैंकसिया मेंज़ीसी: इसके फूल गुलाबी, लाल और क्रीम रंग के...