30 Jul अधिक घी उत्पादन हेतु भदावरी भैंस पालें
Bhadwari Buffalo Keeping for more ghee production भारतीय डेरी ब्यवसाय मे घी का स्थान सर्वोंपरि है। देश में उत्पादित दूध की सर्वाधिक मात्रा घी में परिवर्तित की जाती है। हमारे देश में भैसो की बारह प्रमुख नस्ले है। भदावरी उनमे से एक महत्वपूर्ण नस्ल है जो उत्तर प्रदेश तथा मघ्य प्रदेश के भदावर क्षेत्र में यमुना तथा चम्बल नदी के आस पास के क्षेत्रो में पायी जाती है। यह नस्ल दूध में अत्याधिक वसा प्रतिशत के लिए प्रसिद्ध हैं। भदावरी भैंस के दूध में औसतन 8.0 प्रतिशत वसा पायी जाती है जो अलग अलग भैसों में 6 से 14 प्रतिशत तक हो सकती है। गांवों में यह कहावत है कि इस भैंस के आठ दिन के दूध से एक दिन के दूध की मात्रा के बराबर घी निकलता है अर्थात प्रतिदिन 5 कि0 ग्रा0 दूध देने वाली भैंस से आठ दिन मे 5 कि0 ग्रा0 घी निकलेगा (यह 12.5 प्रतिशत के बराबर है)। भदावरी भैस के दूध में पायी जाने वाली वसा का प्रतिशत देश में पायी जाने वाली भैस की किसी भी नस्ल से अधिक है। भदावरी भैंस तथा भैसा तालिका 1, भदावरी भैस के दूध का औसत संगठन (milk composition) वसा 8.20 प्रतिशत कुल ठोस तत्व (Total Solids) 19.00 प्रतिशत प्रोटीन (Protein) 4.11 प्रतिशत कैल्सियम 205.72 मि0ग्रा0/ 100 मि0 ली0 फास्फोरस 140.90 मि0 ग्रा0 / 100 मि0 ली0 जिंक 3.82 माइक्रो ग्रा0...