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Okra: A comprehensive overview of cultivation, global export and post-harvest management भिंडी (Abelmoschus esculentus (L.) Moench), जिसे आमतौर पर लेडीज फिंगर के नाम से जाना जाता है, एक लोकप्रिय सब्जी फसल है जिसे उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में व्यापक रूप से उगाया जाता है। अपने नाजुक, चिपचिपे हरे फलों के लिए जानी जाने वाली भिंडी न केवल पाक उपयोगों के लिए, बल्कि पोषण संबंधी लाभों के लिए भी अत्यधिक प्रशंसित है। भिंडी फाइबर, विटामिन ए और सी, और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है, जो एशिया, अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों के आहारों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत दुनिया में सबसे बड़ा भिंडी उत्पादक और निर्यातक देश है, जो वैश्विक बाजार में महत्वपूर्ण योगदान देता है। यह लेख भिंडी की खेती के वैश्विक और भारतीय महत्व, इसकी कृषि पद्धतियों, कटाई के बाद के प्रबंधन, और इस बहुपयोगी फसल के निर्यात की संभावनाओं का विस्तृत अन्वेषण प्रस्तुत करता है। 1. भिंडी का वैश्विक और भारतीय महत्व 1.1 वैश्विक महत्व भिंडी उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के कई देशों में उगाई जाती है। एक आर्थिक फसल के रूप में, इसका छोटे किसानों के लिए महत्वपूर्ण महत्व है, जो स्थानीय खाद्य सुरक्षा और आय सृजन में योगदान देती है। भिंडी की वैश्विक मांग में वृद्धि हो रही है, जो स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और इसकी विविध पाक उपयोगों के कारण...

भिण्डी की उन्नत उत्पादन तकनीक   भिण्डी को खरीफ, रबी और ग्रीष्म तीनों ही मौसम में उगाया जाता है क्योंकि भिण्डी एक दिवस निष्प्रभावी पौधा है । सब्जी के रूप में भिण्डी के हरे, मुलायम तथा पोषक तत्व युक्त फल खाये जाते है। पौष्टिकता की दृष्टि से भिण्डी में विटामिन, कै‍‍‍ल्शियम, पोटेशियम प्रचुर मात्रा में पाये जाते है। इसके फलों व डण्ठलों का उपयोग कागज उद्योग में भी किया जाता है।  भि‍ण्‍डी उगाने के लि‍ए जलवायु :- भिण्डी को बढ़वार के लिए लम्बे समय तक गर्म मौसम की आवश्कता पड़ती है। इसके बीजो के अच्छे अंकुरण के लिए तापमान 20-30 डिग्री सेंटीग्रेड के मध्य होना चाहिए। तापमान 42 डिग्री सेंटीग्रेड से ऊपर होने पर फूल सुख कर झड़ जाते है। यह पाले के प्रति अतिसंवेदनशील होती है। भि‍ण्‍डी की कास्‍त के लि‍ए भूमि की तैयारी :- भिण्डी उर्वर, चिकनी से बलुई हर प्रकार की मिट्टी जिसमें जलनिकास अच्छा हो उगायी जा सकती है। दोमट मिट्टी जिसका पी.एच. मान 6 से 7.5 हो उत्तम रहती है। बीज बुवाई से पूर्व खेत की एक गहरी जुताई एवं दो-तीन हल्की जुताई कर मिट्टी को भूरभुरी बना लेना चाहिए । खेत को समतल करने के लिए ऊपर से पाटा लगा देना चाहिए । भि‍ंडी की उन्नत किस्में :- भिण्डी की मुख्य उन्नत किस्में एवं उनकी वि‍शेषताए इस प्रकार है : किस्म मुख्य ‍‍...

How to grow Okra in scientific method  भिण्डी एक महत्वपूर्ण फल वाली उष्ण भागों और शीतोष्ण प्रदेश्‍ो के गर्म स्‍थानों पर उगाया जाने वाली सब्जि है। इसकी फसल उन स्‍थानों पर प्रमुखता से उगाई जा सकती है जहां दिन का तापमान 25-40 ड़िग्री सेग़्रे क़े बीच मे रहता है तथा रात्रि का तापमान 22 ड़िग्री सेग़्रे से नीचे नहीं आता है। भिण्डी को इसके हरे, मुलायम स्वादिष्ट फलों के लिए उगाया जाता है। भारत में मुख्य रूप से भिण्डी की दो फसलें ली जाती है, एक गर्मी में व दूसरी बरसात के मौसम में पर्वतीय क्षेत्रों में इसकी एक ही फसल ली जाती है। जिसकी बुवाई मार्च-अप्रेल में की जाती है। ग्रीष्मकालीन भिण्डी की फसल लेने के कुछ अतिरिक्त फायदे है, इस मौसम में आमतौर पर दूसरी सब्जियां कम उपलब्ध होने के कारण बाजार मूल्य अच्छा मिलता है तथा दूसरा इस मौसम मे मोजेक रोग का प्रकोप बहुत ही कम होता है अत: इस मौसम में भि‍ण्डी की वे किस्मे भी बो सकते है जो कि मोजेक के प्रति सवेदनशील होती है। इस प्रकार ग्रीष्मकालीन भिण्डी के उत्पादन की उन्नत तकनीकी को अपनाकर अधिक लाभ्‍ प्राप्त कर सकते है। भि‍ण्‍डी के खेत का चयन व तैयारी भिण्डी की फसल को लगभग सभी प्रकार की भूमियों मे उगाया जा सकता है। लेकिन गर्मियों की फसल के लिए...

How to: Scientific cultivation of Okra भिण्डी एक ग्राीष्मकालीन और वर्षाकालीन फसल है। भिण्डी के उत्पादन में भारत का स्थान सम्पूर्ण विश्व में प्रथम है। भारत में लगभग सभी राज्यों में भिंडी की खेती की जाती है। प्रमुख उत्पादक राज्यों में उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखण्ड, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और असम प्रमुख राज्य है। भिण्डी हरियाणा की बहुत ही महत्वपूर्ण सब्जियों में से एक है। भारत में भिण्डी की खेती लगभग 498 हजार हैक्टेयर क्षेत्र पर की जाती है। जिसमें कुल 5784 हजार टन उत्पादन प्रतिवर्ष होता है। पोषक मान (प्रति 100 ग्राम) और उपयोग  हरी सब्जियों में भिण्ड़ी का महत्वपूर्ण स्थान है, यह स्वास्थय के लिए बहुत फायदेमंद है। इसमें कई प्रकार के पोष्टिक तत्व और प्रोटीन मौजुद होते है। भिण्ड़ी में विटामिन ए, बी तथा सी, प्रोटिन, वसा, रेशा, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, लौह, मैग्नेशियम और तांबा प्रयाप्त मात्रा में पाया जाता है। भिण्डी के सूखे हुए फल के अन्दर 13 से 20 प्रतिशत तेल की मात्रा और 20 से 24 प्रतिशत प्रोटीन की मात्रा होती है। नमी 89.6 ग्राम उर्जा   35 कैलोरी प्रोटीन 1.9 ग्राम विटामिन ए 88 आई0 यू0 वसा   0.2 ग्राम विटामिन सी  13 मि0 ग्राम कार्बोहाइड्रेट   6.4 ग्राम लौह   1.5 मि0 ग्राम रेशा 1.2 ग्राम कैल्शियम 66 मि0 ग्राम भि‍ण्‍डी की उन्नत किस्मे किस्में स्त्रोत विशेषतांए पूसा-4 भा0 कृ0 अ0 सं0 नई दिल्ली यह भिण्ड़ी की उन्नत किस्म है। यह पितरोग येलोवेन मोजोइक होती है। फल मध्यम आकार के गहरे कम लेस वाले तथा आर्कषक होते है। बिजाई...

भि‍ण्‍डी की फसल में  संकर बीज का उत्पादन करने की वि‍धि‍।  Okra commonly known as ‘bhendi’ or lady’s finger is native of tropical Africa, Okra is widely cultivated in Andhra Pradesh, West Bengal, Bihar, Orissa, Maharashtra, and Gujarat are important okra producing states of India. Okra belongs to family Malvaceae with 2n=8x=72 or 144 chromosomes and is polyploidy in nature.  It is often pollinated crop. Hybrid Seed Production of Okra The most productive and desirable hybrid seed obtained from the female parent when there is a perfect coincidence of stigma receptiveness and pollen viability. Pollination The transfer of pollen from male parent to female parent is called as pollination. The just opened flowers were picked from the male parent in a separate brown paper pockets and used for crossing of emasculated flowers. Different colour thread was tied to the pedicel of the crossed buds for easy identification. Pollination was carried out daily between 8-00 am to 4-00 pm. The crossing was carried out for a period of eight weeks from the initiation of flowering and avoid the selfed seeds in the hybrid. Therefore, time of pollination and ratio between female to male flower crossing is to be optimized to get increased seed set and yield in female parent of bhendi. Materials requidred for Emasculation and Pollination For emasculation of...

Safe and secure pest management in Okra (Bhindi) भिण्डी वर्षा एवं गर्म मौसम की मुख्य सब्जी की फसल है, जो भारतवर्ष के लगभग सभी भागो में उगाई जाती है। इसकी फली में प्रोटीन, कैल्शियम, रेशा तथा अन्य खनिज लवण प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। भिण्डी के फली को सब्जी बनाने में, जबकि जड़ एवं तनों का उपयोग गुड तथा चीनी को साफ करने में किया जाता है। इसके निर्यात द्वारा विदेशी मुद्रा भी अर्जित की जा सकती है, क्योंकि विश्व के कुछ देशों में इसके वीज का पाऊडर बना कर काफी के स्थान पर उपयोग किया जाता हैं। सम्पुर्ण बिहार में वर्षा एवं गर्म मौसम में भिण्डी फसल की खेती की जा सकती है। भिण्डी की फसल के लिए जलवायु भिण्डी की फसल के लिए लम्बे गर्म मौसम की आवश्यकता होती है। इस फसल की खेती के लिए २५-३० डिग्री सेंटीग्रेट तापमान उपयुक्त पाया गया है, जबकि ४० डिग्री सेंटीग्रेट से ज्यादा तापमान सहन करने की क्षमता इस फसल में नहीं होती है। बीज जमाव के लिए उपयुक्त तापमान १७-२०  डिग्री सेंटीग्रेट, जबकि पौधों की बढ़वार के लिए ३५ डिग्री सेंटीग्रेट तापमान सर्वोत्तम माना जाता है। औसत तापमान १८ डिग्री सेंटीग्रेट कम होने की स्थिति में वीज के जमाव पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। भिण्डी के खेत की तैयारी वैसे तो इस फसल की खेती विभिन्न प्रकार...

Integrated pests and disease management in Okra crop भिंडी के रोगों मे पीत शीरा मोजैक वाइरस (यलो वेन) एवं चूर्णिल आसिता तथा कीटों में मोयला, हरा तेला सफेद मक्खी, प्ररोहे एवं फल छेदक कीट, रेड स्पाइडर माइट मुख्य है। भि‍ण्‍डी के कीट 1. भिण्डी का प्ररोह एवं फल छेदक :  लक्षण: इस कीट का प्रकोप वर्षा ऋतु में अधिक होता है। प्रारंभिक अवस्था में इल्ली कोमल तने में छेद करती है जिससे पौधे का तना एवं शीर्ष भाग सूख जाता है। फूलों पर इसके आक्रमण से फूल लगने के पूर्व गिर जाते है।इसके बाद फल में छेद बनाकर अंदर घुसकर गूदा को खाती है। जिससे ग्रसित फल मुड़ जाते हैं और भिण्डी खाने योग्य नहीं रहती है। प्रबंधन क्षतिग्रस्त पौधो के तनो तथा फलो को एकत्रित करके नष्ट कर देना चाहिए। मकड़ी एवं परभक्षी कीटों के विकास या गुणन के लिये मुख्य फसल के बीच-बीच में और चारों तरफ बेबीकॉर्न लगायें जो बर्ड पर्च का भी कार्य करती है। फल छेदक की निगरानी के लिये 5 फेरोमोन ट्रैप प्रति हेक्टेयर लगायें। फल छदे क के नियत्रंण के लिये टा्रइकोगा्रमा काइलाेिनस एक लाख प्रति हक्ेटयेर की दर से 2-3 बार उपयोग करें तथा साइपरमेथ्रिन (4 मि.ली./10 ली.) या इमामेक्टिन बेन्जोएट (2 ग्रा./10 ली0) या स्पाइनोसैड (3 मि.ली./10 ली.) का छिड़काव करें। क्युनालफॉस 25 प्रतिशत ई.सी. क्लोरपायरिफॉस 20 प्रतिशत ई.सी. अथवा प्रोफेनफॉस 50...

Seed Production Technology of Okra (Bhindi) crop फलदार सब्जियों में भिण्डी का एक प्रमुख स्थान है। भिण्डी में प्रचुर मात्रा में विटामिन्स, प्रोटीन, फास्फोरस व अन्य खनिज लवण उपलब्ध रहते है। इसके बीज में 13-22 प्रतिशत तक खाने योग्य तेल तथा 20-22 प्रतिशत तक प्रोटीन पाई जाती है। भिण्डी गर्म मौसम की फसल है तथा इसके पौधे पाले को सहन करने में असमर्थ होते है। 30-320 सै. तापमान भि‍ंडी के बीज अंकुरण के लिए उत्तम होता है। बीज के पकने के समय अपेक्षाकत सुखे व गर्म मौसम की आवश्यकता होती है। भिण्डी का उत्तम गुणवत्ता वाला बीज बनाने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए। भि‍ण्‍डी की उन्नत किस्में: पूसा ए-4, पूसा सावनी, अर्का अनामिका, अर्का अभय, हिसार नवीन, हिसार उन्नत, वर्षा उपहार, पंजाब-7, पंजाब पद्मिनी, पंजाब-8, काशी प्रगति, काशी सातधारी, प्रभाणी क्रांति, फुले उत्कृष भि‍ण्‍डी की संकर किस्में: काशी भैरव, काशी महिमा, लाम संकर सलैक्शन-1 भि‍ण्‍डी की खेती के लि‍ए खेत का चयन: भिण्डी के लिए 6 से 6.8  पी.एच. मान की दोमट, चिकनी दोमट या बलुई दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है। खेत की मिट्टी में जीवांश पदार्थ प्रचुर मात्रा में होना चाहिए। बीज उत्पादन के लिए उन्ही खेतों का चयन किया जाता हे जिनमें पिछले एक साल में भिण्डी की फसल ना उगाई गई हो। ऐसा करने से पिछली फसल के एच्छिक पौधों के कारण बीज फसल...