09 Mar थ्रिप्स व उनका समेकित कीट प्रबंधन
Thrips and their integrated pest management थ्रिप्स सूक्ष्म, पतले और मुलायम शरीर वाले कीड़े होते हैं, जो विभिन्न प्रकार के पौधों और जानवरों की कोशिकाओं को बेध कर रस को अंतर्ग्रहण करते हैं । कुछ थ्रिप्स प्रजातियां ऐसी होती हैं जो अन्य दूसरी थ्रिप्स प्रजातियों, घुन (माइट), मांहू (अफिड्स) जैसे कीड़ों पर अपना भोजन करती हैं । थ्रिप्स का लाभकारी पहलु यह है कि वे फूलों के परागण में सहायता करते हैं । अधिकतर, थ्रिप्स प्रजातियां कृषि कीट के रूप में पहचानी जा चुकी हैं, जो की कई महत्वपूर्ण फसलों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाती हैं। अब तक थ्रिप्स की लगभग 7,700 प्रजातियां दर्ज की गई हैं, जिसमें 1 प्रतिशत से भी कम कृषि फसलों के कीट माने जाते हैं। पादप भक्षी (फाइटो फेगस) नामक थ्रिप्स कोशिकाओं को बेध कर उन्हें आत्मसात करते हैं, व पौधों के फूलों, पत्तियों तथा फलों को भारी नुकसान पहुँचते हैं (Ghosh et al., 2017)। महत्वपूर्ण कीट होने के आलावा, थ्रिप्स घातक वायरस के वाहक के रूप में भी कार्य करते हैं । यह वायरस टोस्पोविरिडे परिवार से सम्बंधित जीनस ऑर्थोटोस्पोवायरस के टोस्पोवायरस की श्रेणी में आता है । दुनियाभर में इस वायरस के प्रकोप से होने वाली हानि का अनुमान लगभग 1 बिलियन डॉलर से भी अधिक है (Pappu et al., 2009)। सोयाबीन वेन नेक्रोसिस मोज़ेक वायरस...