20 May औषधीय पौधों का कटाई उपरांत प्रबंधन, मुल्य संवर्धन और उपयोग
Post Harvest Management Value Addition and Uses of Medicinal Plants 1. ऑंवला ऑंवला युफोरबिएसी परिवार का पौधा हैं । यह भारतीय मूल का एक महत्पूर्ण फल है । महर्षि चरक ने इस फल को जीवन दात्री अथवा अमृतफल के समान लाभकारी माना है। प्रति इकाई उच्च उत्पादकता 15-20 टन/हे विभिन्न प्रकार की भूमि ऊसर, बीहड़, शुष्क, अर्धशुष्क हेतु उपयुक्ता, एवं पोषक तत्वों जैसे विटामिन, खनिज, फिनॉल, टेनिन गुणों से भरपूर तथा विभिन्न रूपों में उपयोग के कारण ऑंवलो 21 वी सदी का प्रमुख फल है। बनारसी कम फलत देने वाली, फ्रांसिस एवं नरेन्द्र ऑंवलो-6 औसत फलत देने वाली, कंचन एवं नरेन्द्र ऑंवलो-7 अत्यधिक फलत देने वाली किस्में हैं। औषधीय उपयोग - एक चम्मच ऑंवले के रस को यदि शहद के साथ मिला कर सेवन किया जाय तो इससे कई प्रकार के विकार जैसे क्षय रोग, दमा, खून का बहना, स्कर्वी, मधुमेह, खून की कमी, स्मरण शक्ति की दुर्बलता, कैंसर, मस्तिष्क विकार, एन्फ्जलुएन्जा, ठंडक, समय से पेहले बुढ़ापा, बालों का झड़ना एवं सफेद होने से बचा जा सकता है । एक चम्मच ताजे ऑंवले का रस, एक कप करेले के रस में मिश्रित करके दो महीने तक प्रात:काल सेवन किया जाय तो इन्सुलिन का श्राव बढ़ जाता है। इस प्रकार यह मधुमेह रोग को नियंत्रित करके शरीर को स्वस्थ्य करता है। साथ ही रक्त की कमी, सामान्य दुर्बलता...