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कृषि‍ बीमा Tag

Prime Minister Crop Insurance Scheme - Brief Description प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भारत सरकार ने किसानों की हो रही फसल की बर्बादी की पूर्ति के लिए और फसल बर्बादी की वजह से किसानों के द्वारा हो रही आत्महत्या को रोकने के लिए लागू किया गया। सन 1965 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने देश को ‘‘जय जवान जय किसान‘‘ नारा दिया था  परन्‍तू इतना समय बीत जाने के बावजूद आज भी कि‍सानो की हालत बहुत अच्‍छी नही है। इसका एक प्रमुख कारण खेती मे मौसम संबधि‍त जोखि‍म तथा खेती का अनिश्चितताओं से भरा होना है। कभी सूखा , कभी बाढ तो कभी बीमारी या टि‍ड्डी प्रकोप जैसी अनेक अनिश्चितताऐ कि‍सान की आय को लगातार प्रभावि‍त करती है ।  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना क्या है ? प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भारत सरकार द्वारा किसानों के फसलों की रक्षा के लिए चलाई जा रही है इस योजना के अंतर्गत कृषक समाज के लोग अपनी फसल का बीमा सस्ते दरों में करा सकते हैं। इस योजना को सफल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों अपना योगदान देती है।अर्थात बजट का हिस्सा भारत सरकार और राज्य सरकार दोनों वहन करती है। किसानों द्वारा इस योजना के अंतर्गत फसल का बीमा कराने पर बीमा की भुगतान की जिम्मेदारी कृषि बीमा कंपनी के कंधों पर...

Soil health card: Today’s requirement of farmers  कृषि एवं इससे संबंधित गतिविधियां भारत में कुल सकल घरेलु उत्पाद में 30 फीसदी का योगदान करती है। कृषि सीधे तौर पर मिट्टी से जुडी है। किसानों की उन्नति मिट्टी पर निर्भर करती है, मिट्टी स्वस्थ तो किसान स्वस्थ। इसी सोच के आधार पर  भारत सरकार ने 19 फरवरी 2015 को राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में किसानों के लाभ हेतु राष्ट्रव्यापी "मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना" का शुभारंभ किया। इस योजना में, किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जाता है,जिसमें उनके खेत की मिट्टी की पूरी जानकारी लिखी होती है जैसे  उसमे कितनी -कितनी मात्रा किन -किन पोषक तत्वों की है और कौन- कौनसा उर्वरक किसानों को अपने खेतो में उपयोग करना होगा। यह योजना भारत के हर क्षेत्र में उपलब्ध है। सरकार ने इस योजना के तहत पुरे भारत के 14 करोड़ से भी ज्यादा किसानों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हर किसान को उसकी मृदा का स्वास्थ्य कार्ड प्रति 3 वर्ष में दिया जाता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड क्या है? मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मृदा के स्वास्थ्य से सम्बंधित सूचकों और उनसे जुडी शर्तों को प्रदर्शित करता है। ये सूचक स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों के सम्बन्ध में किसानों के व्यावहारिक अनुभवों और ज्ञान पर आधारित होते है। इसमें फसल के अनुसार, उर्वरकों  के...

National Agricultural Insurance Scheme for Profitable Farming राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के उद्देश्य निम्नलिखित है- प्राकृतिक आपदा, कीट या बीमारी के कारण किसी भी अधिसूचित फसल के बर्बाद होने की स्थिति में किसानों को बीमा का लाभ और वित्तीय समर्थन देना। किसानों को खेती के प्रगतिशील तरीके, उच्च मूल्य (आगत) इनपुट और कृषि में उच्चतर तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना। खेती से होनेवाली आय को विशेष रूप से आपदा के वर्षों में स्थायित्व देने में मदद करना। इसके अधीन फसलें निम्नलिखित वृहत समूहों की फसल, जिनके बारे में (1) फसल कटाई प्रयोग के बारे में समुचित वर्षों के आंकड़े उपलब्ध हैं और (2) प्रस्तावित मौसम में उत्पादन की मात्रा के आकलन के लिए आवश्यक फसल कटाई प्रयोग किये गये हों- खाद्य फसलें (अनाज, घास और दाल) तिलहन गन्ना, कपास और आलू (वार्षिक वाणिज्यिक या वार्षिक बागवानी फसलें) अन्य वार्षिक वाणिज्यिक या वार्षिक बागवानी फसलें, बशर्ते उनके बारे में पिछले तीन साल का आँकड़ा उपलब्ध हो। जिन फसलों को अगले साल शामिल किया जाना है, उनकी सूचना चालू मौसम में ही दी जायेगी। इसके अधीन लाये जानेवाले राज्य व क्षेत्र यह योजना सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में लागू है। जो राज्य या संघ शासित प्रदेश योजना में शामिल होने का विकल्प चुनते हैं, उन्हें योजना में शामिल की जानेवाली फसलों की सूची तैयार करनी होगी। निकास नियम- जो राज्य इस योजना...

वृक्ष बीमा: भारत में एक नई पहल Agriculture production and farm incomes in India are frequently affected by natural disasters such as droughts, floods, cyclones, storms, landslides and earthquakes. Susceptibility of agriculture to these disasters is compounded by the outbreak of epidemics and man made disasters such as fire, sale of spurious seeds, fertilizers and pesticides, price crashes etc. To overcome these uncontrollable factors, agriculture insurance came to life. Agricultural Insurance is a means of protecting the  agriculturist against financial losses due to uncertainties that may arise agricultural losses  arising from named or all unforeseen risks beyond their control (AIC, 2008). In this ever changing era of climate change, everything has become uncertain. To fight/adapt to these climate related vagaries, scientists are advocating to adopt climate smart agricultural (CSA) practices. One of the best CSA practice considered is agroforestry, a sustainable land use system wherein farmers grow agricultural crops along with certain tree species either simultaneously or in some spatial pattern. Agroforestry plays a vital role in the Indian economy by way of tangible and intangible benefits.At present agroforestry meets almost half of the demand of fuel wood,two thirds of the small timber, 70–80%wood for plywood, 60% of raw material for paper pulp and 9–11% of the green fodder requirement of livestock, besides meeting the...