04 Apr केचुओं का मृदा में महत्व एवं केचुओं को प्रभावित करने वाले कारक
Importance and factors affecting of earthworms in soil मृदा मानव जाति की सबसे बड़ी विरासत है और सबसे मूल्यवान प्राकृतिक संसाधन भी है। इंसान ऐतिहासिक रूप से शिकार पर निर्भर थे और जीवनयापन के लिए भोजन का संग्रह मृदा से करते थे। हमारे मृदा के साथ संबंध मृदा की जुताई से जुड़े है। जिसके कारण आज मानव सभ्यता का विकास हुआ है और ये मानव और मृदा के संबंध को देख कर हम कह सकते है की मृदा कृषि के लिए एक आधारभूत हिस्सा है । आज-कल देखा जा रहा है की वन कटाई, अधिक चराई, फसल जलाना, अधिक मात्रा में कृषि रसायन एवं कम कार्बनिक खाद का प्रयोग और कृषि योगय भूमि का अन्य कामो में उपयोग करने के कारण कृषि उत्पादन व मृदा के उपजाऊपन में कमी आयी है। परिणामस्वरूप मृदा ऑर्गेनिक कार्बन (SOC), नत्रजन, फॉस्फोरस जैसे मुख्य पोषक तत्व एवं अन्य सूक्ष्मपोषक तत्वों में भी कमी आयी है अतः इन सब परिस्तिथियों को ध्यान में रखते हुए मृदा की उपजता को बढ़ाने की दिशा में हमारे प्रयास होने चाहिए ताकि हम आने वाले समय एवं आने वाली पीढ़ियों के लिए खाद्य सुरक्षा और संधारणीय फसल उत्पादन कर सकेंगे। हम उपलब्ध मृदा का सही तरीके से उपयोग एवं सरंक्षण तभी कर सकेंगे जब हम सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से मृदा को...