04 Feb अंजन घास के बीजोत्पादन की तकनीक
Seed production technology of Anjangrass grass (Cenchrusciliaris L.) अंजन घास, से. सिलिएरिस पोयेसी परिवार कि अत्यधिक पौष्टिक घास है, जिसे गर्म, शुष्क क्षेत्रों में चारागाह के लिए उत्कृष्ट माना जाता है। सूखे की अवधि के दौरान, यह घास कटिबन्धीय क्षेत्रों में स्वादिष्ट चारेे के उत्पादन एवं अनियमित चराई के लिए मूल्यवान है। अंजन घास की कुछ प्रजातियों की ऊपज बारीश के समय में भी इसे एक अच्छे चारे के रूप में प्रस्तुत करती है । यह माना जा रहा है की अंजन की हरी घास या साइलेज मवेशियों में दूध की मात्रा तो बढाती ही है साथ ही दूध की गुणवत्ता एवं चमक भी बढाती है । से. सिलिएरिस के लेक्टोगॉग होने के प्रमाण मिलते है जो की मवेशियों में दूध निकलने की क्षमता को बढ़ाता है । अंजन घास कुछ प्रजातियां गुर्दे के दर्द, घावों आदि में लोक उपचार के रूप में विश्वविख्यात है (ड्यूक एंड वेन, 1981)। अंजन घास की प्रति 100 ग्राम ताज़ी घास में, सूखे वजन के आधार पर, 11.0 ग्राम प्रोटीन, 2.6 ग्राम वसा, 73.2 ग्राम कुल कार्बोहाइड्रेट, 31.9 ग्राम फाइबर, और 13.2 ग्राम राख (गोहल, 1981) शामिल हैं एवं प्रति 100 ग्राम भूसे में सूखे वजन के आधार पर, 7.4 ग्राम प्रोटीन, 1.7 ग्राम वसा, 79.2 ग्राम कुल कार्बोहाइड्रेट, 35.2 ग्राम फाइबर और 11.7 ग्राम राख (गोहल, 1981)...