06 Sep खजूर के फलो से परिरक्षित उत्पाद तैयार करने की वैज्ञानिक विधि
Scientific method to prepare the preserved product of palm fruits खजूर पामी कुल के अंतर्गत फोनिक्स जाति की कई उपजातियों को प्राय: खजूर नाम दिया जाता है। इनमें फोनिक्स डैक्टिलिफेरा और फोनिक्स सिल्वेस्ट्रिस विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। खजूर भारत में अनेक जगह उगाया जाता है। खजूर की खेती भारत मे हरियाणा, पंजाब, गुजरात पश्चिमी राजस्थान के बीकनेर, बाड्मेर, जेसलमेर, जोधपुर, श्री गंगानगर, चूरु व नागोर जिलो मे होती है। खजूर का पेड़ विश्व के सबसे सुन्दर सजावटी पेड़ों में से एक माना जाता है और इसे सड़कों राजमार्गो और मुख्य रास्तों पर शोभा के लिए भी लगाया जाता है। खजूर के ताजे पके फल को खजूर, पिंड खजूर तमर या खुर्मा और पके, सूखे फल को छुहारा, खारिक अथवा डेट कहते हैं। खजूर विश्व के सबसे पौष्टिक फलों में से एक है। सदियों से यह मध्यपूर्व एशिया और उत्तरी अफ्रीका के रेगिस्तानी इलाकों का प्रमुख भोजन बना हुआ है क्योंकि वहाँ इसके सिवा और कुछ उत्पन्न नहीं होता। यह ताज़ा और सूखा, दोनों तरह के फलों में गिना जा सकता है। पेड़ पर पके खजूर ज़्यादा स्वादिष्ट होते हैं। लेकिन जल्दी खराब हो जाने की वजह से इसे धूप में सुखाया जाता है। ताज़े खजूर के मुकाबले सूखे खजूर में रेशों की मात्रा अधिक होती है। इसके सेवन से ग्लुकोज और फ्रुक्टोज के रूप में नैसर्गिक...