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पौष्टिक सहजन Tag

सहजन: पौष्टिकता से भरपूर बहुउद्देशीय वृक्ष सहजन का वैज्ञानिक नाम मोरिंगा ओलीफेरा है. इसे अंग्र्रेजी में ड्रमस्टिक, मराठी में शेवगा, तमिल में मुरूंगई, मलयालम में मुरिन्गन्गा और तेलगु में मुनगावया इत्यादि नामो से जानते हैं. सहजन एक बहु उपयोगी पेड़ है, यह मोरिंगासी परिवार का सदस्य है. यह परंपारागत रूप से घरो के पिछवाड़े या बगीचों में लगाया जाता है. इसका पेड़ सामान्यत १० से १२ मीटर ऊँचा होता है. यह तेजी से बढ़ने वाला, गहरी जड़ो वाला सूखा सहनशील पौधा है. यह सदाबहार, माध्यम आकर का पर्णपाती वृक्ष्य है. इसका तना सफ़ेद भूरे रंग का होता है और मोटी छाल से ढाका रहता है. इसकी उत्पत्ति भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के उपहिमालियन क्षेत्र है. भारत में गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में इसकी खेती बड़े पैमाने पर होती है. सहजन पूरे भारतवर्ष में सुगमता से पाया जाने वाला पौष्टिकता से भरपूर बहुउद्देशीय वृक्ष है. यह आसानी से लग जाता है और इसके पत्ते, फूल, फलियां, बीज और जड़ें सभी पोषक तत्वों से भरपूर है, जो मनुष्य और जानवर दोनों के लिए काम आते हैं. दक्षिणी और पूर्व भारत में यह एक लोकप्रिय सब्जी है. सहजन की भारत में वर्तमान उत्पादन स्थिति भारत सहजन का सबसे बड़ा उत्पादक देश है, भारत में लगभग १.२ से २ मिलियन टन फलियों का उत्पादन हर...