10 Aug लोबिया की वैज्ञानिक खेती
Scientific cultivation of Cow pea. लोबिया की खेती के लिए गर्म व आर्द्र जलवायु उपयुक्त है। तापमान 24-27 डिग्री सें.ग्रे. के बीच ठीक रहता है। अधिक ठंडे मौसम में पौधाों की बढ़वार रूक जाती है। लगभग सभी प्रकार की भूमियों में इसकी खेती की जा सकती है। मिट्टी का पी.एच. मान 5.5 से 6.5 उचित है। भूमि में जल निकास का उचित प्रबंधा होना चाहिए तथा क्षारीय भूमि इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं है। लोबिया की किस्में : पूसा कोमल : यह किस्म बैक्टीरियल ब्लाईट प्रतिरोधाी है इसे बसंत, ग्रीष्म तथा वर्षा तीनो मौसम लगाते है। फली का रंग हल्का हरा, मोटा गुदेदार 20-22 से.मी. लम्बा होता है। इसकी उपज 100-120 क्ंविटल/हेक्टेयर होती है। अर्का गरिमा : यह खम्भा(पोल) प्रकार की किस्म है यह 2-3 मी उची होती है। इसे वर्षा ऋतु एवं बसंत ऋतु लगाया जा सकता है। पूसा बरसाती : इस किस्म को वर्षा ऋतु लगाया जाता है फली का रंग हल्का हरा 26-28 से.मी. लम्बा एवं 45 दिनो मे पक कर तैयार हो जाती है। इसकी उपज 70-75 क्ंविटल/हेक्टेयर होती है। पूसा फालगुनी : यह छोटी झाडीनुमा किस्म है फली का रंग गहरा हरा, सीधा एवं 10-20 से.मी लम्बा एवं 60 दिनो मे पक कर तैयार हो जाती है। इसकी उपज 70-75 क्ंविटल/हेक्टेयर होती है। पूसा दोफसली : यह किस्म बसंत, ग्रीष्म तथा वर्षा तीनो मौसम के लिये उपयुक्त...