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बेलवाली सब्‍जी Tag

वर्षाकालीन मौसम में सब्जियों की नर्सरी सब्जियों में कुछ फसलें ऐसी है जिनके बीज को सीधे खेतों में बोया जाता है, क्योंकि इन फसलों में रोपाई के समय जो आघात लगता है, उसको सहने की क्षमता नहीं होती, जैसे- भिण्डी, बरबटी, सेम आदि, दूसरी तरफ कुछ फसलें ऐसी हैं, जिनके पौधे तैयार कर खेत में रोपाई की जा सकती है, जैसे- टमाटर, बैंगन, मिर्च, प्याज, फूलगोभी आदि। इन सब्जियों के पौधा में रोपाई के समय लगने वाले आघात को सहने की क्षमता पायी गई है। अत: इन पौधों के बीजों को शुरू में पौधशाला (नर्सरी) में बोया जाता है खरीफ या वर्षाकालीन मौसम में सब्जियों की फसलें लेने हेतु सब्जियों की नर्सरी में ऊपर उथली क्यारियां बनाते हैं। सब्जी के पौधे योग्य आकार की ट्रे (2 मी.x 1 मी.) या विभिन्न प्रकार के उथले गमलों में भी उगाये जा सकते हैं। जहां तक हो सके नर्सरी या पौध शाला पानी के स्त्रोत के पास हो और पानी के निकास की उचित व्यवस्था भी हो। नर्सरी की मिट्टी ऐसी होनी चाहिए, जो भुरभुरी हो, जिसमें पोषक तत्व पर्याप्त हो, पानी अच्छी तरह सोख सके एवं ऊपरी सतह सूख सके।  नर्सरी में क्यारियां बनाते समय ध्यान रखें कि क्यारियों की चौड़ाई एक मीटर हो, कदापि एक मीटर से ज्यादा न हो ताकि नर्सरी में निंदाई-गुड़ाई पौधों को बिना...

How to produce the hybrid seed of Ridge Gourd  तोरई एक बेलवाली फसल है, जो जायद तथा खरीफ ऋतु में सफलतापूर्वक देश के कई स्थानों में लगायी जाती है। नर व मादा पुष्प एक ही बेल पर अलग-अलग स्थान पर तथा अलग-अलग समय पर खिलते हैं। नर पुष्प पहले तथा गुच्छों में लगते हैं जबकि मादा पुष्प बेल की पाश्र्व शाखाओं पर व अकेले लगते हैं। पुष्प का रंग चमकीला चमकीला पीला एवं आकर्षक होता है। मादा पुष्प के निचले भाग में फल की आकृतियुक्त अण्डाशय होता है जो निषेचन के पश्चात फल का निर्माण करता है। पुष्प सांयकाल में 5 से 8 बजे के दौरान खिलते हैं। पुष्पन के दौरान नर पुष्पों से जीवित व सक्रिय परागकण प्राप्त होते हैं, साथ ही मादा पुष्पों की वर्तिकाग्र निषेचन के लिए अत्यधिक सक्रिय होती है। तुरई मे पर-परागण द्वारा निषेचन होता है जो मुख्यत: मधुमक्खियों द्वारा सम्पन्न होता है। तोरई की बेल खेत का चुनाव: तोरई के संकर बीज उत्पादन के लिए फसल बोने से पूर्व पिछले वर्ष खेत में उगाई गई फसलों की जानकारी पहले से कर लेनी चाहिए। खेत का चुनाव करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि पूर्व में उस खेत में तोरई की फसल नहीं ली गई हो, क्योकि पिछली फसल का बीज खेत में गिर जाता है तथा यह बीज...