22 Jan बीज व अनाज का सुरक्षित भण्डारण
Safe storage of food grain and seeds भंडारण के दौरान बीज व अनाज को क्षति पहुंचाने मे कीट अहम् भूमिका निभाते हैं। भंडार कीटों की लगभग 50 प्रजातियां हैं जिनमें से करीब आधा दर्जन प्रजातियां ही आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। भंडार कीटों में कुछ कीट आंतरिक प्राथमिक तो कुछ बाह्य (गौड़) भक्षी होते हैं। ऐसे कीट जो स्वयं बीज को सर्वप्रथम क्षति पहुंचाने में सक्षम होते हैं वे प्राथमिक कीट कहे जाते हैं। इनमें सूंड वाली सुरसुरी, अनाज का छोटा छिद्रक प्रजातियां प्रमुख हैं। गौड़ कीट वे हैं जो बाहर रहकर भू्रण या अन्य भाग को क्षति पहुंचाते हैं। इनमें आटे का कीट, खपरा बीटल, चावल का पतंगा आदि प्रमुख हैं। अलग-अलग प्रकार के बीजों को नुकसान पहुंचाने वाले कीट भिन्न हो सकते हैं परन्तु सामान्यतया उनको नियंत्रित करने के उपाय एक जैसे ही होते हैं। बीज व अनाज को क्षति पहुंचाने वाले प्रमुख कीट छोटा छिद्रक या धुन - राइजोपरथा डोमिनिका सूंडवाली सुरसुरी - साइटोफिलस ओरायजी खपरा बीटल - ट्रोगोडरमा ग्रेनेरियम आटे का कीट - ट्राइबोलियम कैस्टेनियम दाल का ढोरा - कैलोसोब्रुकस मैकुलेटस अनाज का पतंगा - साइटोट्रोगा सीरियलेला चावल का पतंगा - कोरसायरा सिफेलोनिका 1. भण्डार कीटों की पहचान भण्डार कीट मुख्यतया दो प्रकार के होते हैं, एक भृंग या बीटल समूह के, दूसरे पतंगा या फिड़का समूह के। इन दोनों प्रकार के कीटों को पहचानने के लक्षण निम्नवत् हैं। छोटा...