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मशरूम उत्पादन Tag

बटन मशरूम (Button Mushroom) की खेती में अच्छी पैदावार के लिए कम्पोस्ट की गुणवत्ता बहुत मायने रखती है। अगर कम्पोस्ट ठीक तरह से तैयार नहीं है, तो स्पॉन की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है और आगे चलकर उत्पादन भी कम हो सकता है। अच्छा बटन मशरूम कम्पोस्ट बनाने के लिए गेहूं का भूसा, खाद, चोकर, नाइट्रोजन स्रोत, जिप्सम और पानी जैसे कच्चे माल का सही अनुपात जरूरी है। इसके साथ कम्पोस्ट की नमी, तापमान, हवा का आवागमन और समय-समय पर पलटाई पर भी ध्यान देना पड़ता है। बटन मशरूम कम्पोस्ट तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सामग्री बटन मशरूम कम्पोस्ट बनाने के लिए जरूरी सामग्री कम्पोस्ट बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री की मात्रा आपकी composting method और कच्चे माल की गुणवत्ता के अनुसार बदल सकती है। छोटे स्तर पर शुरुआत करने वाले किसान नीचे दी गई सामग्री को एक सामान्य आधार के रूप में देख सकते हैं। सामग्री सामान्य मात्रा भूमिका गेहूं का भूसा 100 kg कम्पोस्ट का मुख्य आधार मुर्गी की खाद 35–40 kg नाइट्रोजन और पोषक तत्व गेहूं का चोकर 5–10 kg अतिरिक्त पोषण यूरिया लगभग 1–1.5 kg नाइट्रोजन स्रोत जिप्सम लगभग 3–4 kg कम्पोस्ट की संरचना और aeration में मदद पानी आवश्यकतानुसार उचित नमी बनाए रखने के लिए ध्यान दें: ऊपर दी गई मात्रा एक सामान्य उदाहरण है। अलग-अलग composting systems में formulation अलग हो सकती है। व्यावसायिक उत्पादन के लिए स्थानीय कृषि विश्वविद्यालय, KVK या mushroom training centre...

Mushroom production, product and dishes. मशरूम विशेष प्रकार की फफूंदों का फलनकाय है, जिसे फुटु, छत्तरी, भिभौरा, छाती, कुकुरमुत्ता, ढिगरी आदि नामों से जाना जाता है, जो पौष्टिक, रोगरोधक, स्वादिष्ट तथा विशेष महक के कारण आधुनिक युग का एक महत्वपूर्ण खाद्य आहार है। बिना पत्तियों के, बिना कलिका व बिना फूल के भी फल बनाने की अदभूत क्षमता रखता है।  मशरूम का प्रयोग भोजन के रूप में, टॉनिक के रूप में व औषधि के रूप में होता है। भारत जैसे देश में जहॉ की अधिकांश आबादी शाकाहारी है उस स्थिति में खुम्बी का महत्व पोषण की दृष्टि से और भी अधिक बढ़ जाता है। मौसम की अनुकूलता एवं सघन वनों के कारण भारतवर्ष में मशरूम खेतों में, मेड़ों में, वनों में प्राकृतिक रूप से विभिन्न प्रकार के माध्यमों में निकलते है। ग्रामीण जन खाद्य मशरूम का बड़े चाव से उपयोग करते है। आज अनेक प्रकार के मशरूम को न केवल प्रयोगशाला में उगाया जा रहा है, वरन उनकी व्यावसायिक खेती कर उनका निर्यात एवं आयात कर कृषि अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। मशरूम का प्रयोग सब्जी के रूप में किया जाता है। व्यवसायिक रूप से तीन प्रकार की खुम्बी उगाई जाती है। बटन खुम्बी, ढींगरी खुम्बी तथा धान पुआल या पैडी स्ट्रा खुम्बी। व्यावसायिक स्तर पर उत्पादित आयस्टर एवं पैरा मशरूम की...

Production technique of Compost for Button Mushroom Cultivation बटन पशरूम की खेती एक विशेष विधि से तैयार की गई कम्‍पोस्‍ट खाद पर की जाती है। इस कम्‍पोस्‍ट को साधारण अथवा निर्जीवीकरण विधियों से बनाया जाता है। साधारण विधि से कम्‍पोस्‍ट बनाने की तकनीक (Simple method of making compost) साधारण विधि से कम्‍पोस्‍ट बनाने में 20 से 25 दिन का समय लगता है 100 सेंमी लम्‍बी, 50 सेंमी चौडी तथा 15 सेंमी ऊची 15 पेटियों के लिए इस विधि से कम्‍पेस्‍ट बनाने के लिए सामग्री: धान या गेहूं का 10-12 सेंमी लम्‍बाई में कटा हुआ भूसा - 250 किलोग्राम धान या गेहूं की भूसी - 20-25 किलोग्राम अमोनियम सल्‍फेट या कैल्शियम अमोनियम नाईट्रेट - 4 किलोग्राम यूरिया - 3 किलोग्राम जिप्‍सम - 20 किलोग्राम मैलाथियॉन - 10 मिलि लिटर जिस स्‍थान पर कम्‍पोस्‍ट तैयार करनी हो वहां पर गेहूं के भूसे की 8 से 10 इंच मोटी तह बिछाकर उसे पानी से अच्‍छी तरह से भिगो दें। पानी में भीगोने के लगभग 16 से 18 घंटे बाद उसमें जिप्‍सम तथा कीटनाशक को छोडकर बाकी सभी सामग्री अच्‍छी तरह से मिला दें। फिर उस सारी सामग्री का एक मीटर चौडा, एक मीटर ऊचा तथा समायोजित लम्‍बाई का ढेर बना दें। इस ढेर को प्रत्‍येक 3-4 दिन के अन्‍तराल पर हवा लगाने के लिए फर्श पर खोलकर बिछा दें तथा आधा घंटे...