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Crop Varietes
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लोकी (घीया) की उन्नत किस्में
Varieties प्रजाति
Developed By विकसित की
yield उपज
(कु./है.)
Characters
पूसा मेघदूत (Pusa Meghdoot)
भारतीय कृषि अनुसंधान संसथान
-
यह प्रजाति गर्मी एवं वर्षा दोनों ऋतुओं में उगाई जाती हैं। यह संकर किस्म पीएसपीएल तथा सलेक्शन-2 के संकरण से विक्सित की गयी है। इसके फल हरे लम्बे एवं कोमल होते हैं तथा इसकी उपज पीएसपीएल की तुलना में 50% अधिक होती है।
पूसा मंजरी (Pusa Naveen)
भारतीय कृषि अनुसंधान संसथान
इस किस्म का विकास पीएसपीआर एचं सलेक्सन-11 के संकरण से किया गया है। इसके फल हरे गोल एवं कोमल होते हैं। यह संकर किस्म पीएसपीआर की अपेक्षा 48% अधिक उपज देती है। उत्तर भारत में यह प्रजाति गर्मी एवं वर्षा दोनों ऋतुओं के लिए उपयुक्त है।
पूसा नवीन (Pusa Naveen)
भारतीय कृषि अनुसंधान संसथान
325
उत्तर भारत में यह प्रजाति गर्मी एवं वर्षा दोनों ऋतुओं में उगाई जाती हैं। इसके फल सीधे, 30-35 से.मी.लम्बे, बेलनाकार एवं 800 से 850 ग्राम औसत भार वाले होते हैं। डिब्बाबंदी एवं परिवहन के लिए यह सर्वोत्तम प्रजाति है। मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के लिए 1992 मे अनुमोदित
पूसा सन्देश
Pusa Sandesh
भारतीय कृषि अनुसंधान संसथान
320
फल आकर्षक, हरा, गोल, मध्यम आकार का वजन 600 ग्रा. पहली तूडाई 55 से 60 दिन में (खरीफ) एवं 60 से 65 दिन (ग्रीष्म), उत्तर मैदानी भागों के लिए 1994 मे अनुमोदित हुई
पंजाब कोमल (Punjab Komal)
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय
290
यह अगेती किस्म है जो 70 दिनों में...