07 Sep Modern techniques of Sapota (Achras zapota) cultivation.
चीकू की खेती करने की आधुनिक तकनीक चीकू ( Chiku ) या सपोटा (Sapota), सैपोटेसी कुल का पौधा है। भारत में चीकू अमेरिका के उष्ण कटिबन्धीय भाग से लाया गया था। चीकू का पक्का हुआ फल स्वादिष्ट होता है। चीकू के फलों की त्वचा मोटी व भूरे रंग का होती है। इसका फल छोटे आकार का होता है जिसमें 3 - 5 काले चमकदार बीज होते हैं। चीकू की खेेती फल उत्पादन तथा लेटेक्स उत्पादन के लिए की जाती है। चीकू के लेटेक्स का उपयोग चूइंगम तैयार करने के लिए किया जाता है। भारत में चीकू की खेती मुख्यत: फलों के लिए की जाती है। चीकू फल का प्रयोग खाने के साथ-साथ जैम व जैली आदि बनाने में किया जाता है। चीकू फल के लाभ चीकू में विटामिन ए, ग्लूकोज, टैनिन, जैसे तत्व पाऐ जाते है जो कब्ज, एनिमिया , तनाव , बवासीर और ज़ख़्म को ठीक करने के लिए सहायक होतेे हैं । चीकू में कुछ खास तत्व पाए जाते हैं जो श्वसन तंत्र से कफ और बलगम निकाल कर और पुरानी खांसी में राहत देता हैं। चीकू में लेटेक्स अच्छी मात्रा में पाया जाता हैं इसलिए यह दाँत की कैविटी को भरने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता हैं। चीकू की व्यावसायिक खेती भारत के गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक तथा तमिलनाडु राज्यों में इसकी...