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मधुमक्खी उत्पाद और उनके उपयोग Bees secrete wax from four pairs of glands on the underside of their abdomen. The development of the same wax glands depends on the pollen consumed by the young bees after emerging from the cells. Bees about ten days old sweat the most wax. मधुमक्खी उत्पाद और उनके उपयोग बहुमूल्य परागण सेवाएँ प्रदान करने के अलावा, मधुमक्खियाँ मानव जाति को कुछ मूल्यवान वस्तुएँ उपहार में देती हैं। मानव जाति के लिए सबसे महत्वपूर्ण सेवा मधुमक्खियाँ फलों की फसलों का परागण है। यह कहा गया है कि परागण में मधुमक्खियों का मूल्य शहद और मोम के उत्पादन में उनके मूल्य से 10-20% गुना अधिक होता है। मधुमक्खी उत्पाद मधुमक्खियां इंसानों के लिए कई फायदे देती हैं।  मधुमक्खियों से निम्नलिखित उत्पाद प्राप्त होते हैं जो मानव द्वारा प्रयोग किए जाते हैं । शहद मधुमक्खियों का मोम मधुमक्खी पराग रॉयल जेली प्रोपोलिस बी वेनम बी ब्रेड 1. शहद यह मधुमक्खी के छत्ते से एकत्रित किया जाने वाला मीठा चिपचिपा रस है। शहद अमृत, पराग और अन्य पदार्थों से मधुमक्खी द्वारा बनाया गया एक प्राकृतिक भोजन है। इसे प्रकृति का सबसे पूर्ण रूप से पौष्टिक भोजन माना जाता है क्योंकि इसमें मनुष्यों के लिए आवश्यक लगभग सभी पोषक तत्व होते हैं। प्रोटीन, मुक्त अमीनो एसिड, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और फोलिक एसिड शहद में पाए जाने वाले कुछ प्रमुख पोषक तत्व हैं। मॉइस्चराइजिंग के लिए एंटीसेप्टिक के...

शहद उत्पादन इकाई (मधुशाला) का मौसमी प्रबंधन Bees can be affected by diseases and before any control measures can be taken, the actual cause of any abnormality in the brood or any disease must be ascertained. After accurate diagnosis of the causative agent of a particular bee disease, the guidelinesgiven by the expert should be followed. However, below is general advice for managing common diseases of bees: शहद उत्पादन इकाई (मधुशाला) का मौसमी प्रबंधन ग्रीष्मकालीन प्रबंधन (i) कॉलोनियों को घनी छाया में रखें (ii) मध्याह्न के समय मधुशाला में ऊपरी आवरण पर गीली बोरियों का उपयोग करके और कालोनियों के चारों ओर पानी का छिड़काव करके मधुमक्खी पालन गृह के माइक्रॉक्लाइमेट को नियंत्रित करें। (iii) कॉलोनी के प्रवेश द्वार को चौड़ा करके कॉलोनी में उचित वेंटिलेशन प्रदान करें, मल्टी चैंबर कॉलोनियों को अतिरिक्त गेट प्रदान करें, ताजी हवा के पारित होने के लिए दो आसन्न कक्षों के बीच पतली छोटी छड़ी के टुकड़े रखें, फ्रेम की संख्या को 1 से कम करें और कक्ष में 9 की अनुमति दें (iv) मधुशाला में/ के पास ताजा पानी उपलब्ध कराएं मानसून प्रबंधन (i) मधुमक्खी पालन स्थल में नमी से बचें और उचित जल निकासी प्रदान करें (ii) नीचे के बोर्ड पर पड़े मलबे को साफ और गहरा गाड़ दें (iii) अवांछित वनस्पतियों को काटकर कॉलोनी के आसपास के वातावरण को साफ रखें जिससे...

Apiculture : Better way for increasing income in rural areas शहद और इसके उत्पादों की बढती मांग के कारण मधुमक्खी पालन एक लाभदायक एवं आकर्षक व्यवसाय बनता जा रहा है। इसमे कम समय, कम लागत व कम पूंजी निवेश की जरूरत होती है। मधुमक्खी पालन फसलों के परागण में सहायक होकर फसलों की उत्पादकता में भी वृद्धि करता है। मधुमक्खी पालन व्यवसाय शुरू करने से पहले कम से कम एक वर्ष का योजना प्रारूप तैयार करना चाहिए।   मधुमक्खी पालन व्यवसाय में आवश्यक सामग्री : लकड़ी का बॉक्स, बॉक्स फ्रेम, जालीदार कवर, दस्तानें, चाकू, शहद रिमूविंग मशीन और ड्रम इत्यादि। मधुमक्खियों का आवास : मधुमक्खियों का घर यानि मधुमक्षिकागृह एक लकड़ी का बना बॉक्स/संदूक होता है, जिसमें दो खण्ड होते है। नीचे के तीन-चौथाई खण्ड को शिशु खण्ड कहते है क्योंकि इसमें रखे छते में अण्डे, शिशु  तथा स्वयं मक्खियों के लिए अशुद्ध शहद एवं पराग संचित रहता है। ऊपर के एक-चौथाई खण्ड में मधुमक्खिया शहद जमा करती है, इसे मधु कक्ष कहते है। दोनो खण्डो के बीच एक जालीदार अवरोध रहता है, जिसमें से श्रमिक मधुमक्खिया तो एक खण्ड से दूसरे खण्ड में आ और जा सकती है परन्तु रानी मधुमक्खी नहीं। लकड़ी का यह बॉक्स चारों तरफ से बंद रहता है केवल नीचे के तल में एक छिद्र होता है, जिसमें से एक बार...

Protecting Honeybees from insecticides, enemies of bees and their management. किसान भाई अपनी फसलों में कीट नियन्त्रण के लिए कई प्रकार की कीटनाशकों का छिड़काव या भुरकाव करते हैं। इन कीटनाशकों से मधुमक्खियों को बहुत हानि हो जाती है। जब फसल पर फूल आ रहे हों तब दवाई छिड़की जाए तो सबसे अधिक हानि होती है क्योंकि उस समय मधुमक्खियां फूलों से पराग व मकरन्द लेने जाती हैं व वहां छिड़के हुए कीटनाशकों के सम्पर्क में आती हैं। इसके अतिरिक्त जहर से प्रभावित पराग व मकरन्द जो छत्ते में लाती हैं इससे भी उनके बच्चों व मक्खियों को हानि होती है। किसानों को यह अवश्य जान लेना चाहिए कि शत्रु कीट की रोकथाम रसायन प्रयोग के अलावा किसी और उपाय से हो सकती है या नहीं। यदि यह हो सकती हो तो रोकथाम के लिए अन्य ढ़ंग अपनाएं। यदि विषयुक्त रसायन प्रयोग करने की आवश्यकता हो तो आगे दी गई कुछ बातों का ध्यान रखें। मधुमक्खियां दिन में अपना काम करना तभी आरम्भ करती हैं जब वातावरण का तापमान 10-15 डिग्री सैल्सियस हो। प्रात: काम करने के लिए ये सूर्य के प्रकाश और तापमान पर निर्भर करती हैं। सांयकाल होने पर मधुमक्खियां अपना काम करना बन्द कर देती हैं। पुष्पों में मधुरस और पराग भी दिन में विशेष समय पर उपलब्ध होता है और यह...