27 Apr कचरे से कैसे तैयार करें उत्तम खाद
How to make quality compost from garbage? भारतीय कृषि क्षेत्र में पिछले चार दषकों से फसल उत्पादन में जो वृध्दि आई है, इसका मुख्य कारण उन्नत तकनीकों को अपनाया जाना और अधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाषकों का प्रयोग है। अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए इन कृत्रिम पदार्थों का भारी मात्रा में प्रयोग किया जा रहा है। मिट्टी की स्थिति की अनदेखी की जा रही है। इसके कई दुष्परिणाम हमारे समक्ष धीरे-धीरे प्रकट हो रहे हैं। मिट्टी के प्राकृतिक गुण्ा धीरे-धीरे समाप्त होते जा रहे हैं। इसके अलावा प्राकृतिक गुण के अभाव में उत्पादन लागत में वृध्दि हो रही है। मिट्टी में जीवांष या कार्बनिक पदार्थों की कमी के कारण गर्मियों में भूमि के ऊपरी भाग का तापमान 60 डिग्री सेल्सियस से ऊपर हो जाता है। मिट्टी की नमी ज्यादा देर तक नहीं रहती है। इससे खेतों में दरारें पड़ने लगती हैं। निम्न जल धारण क्षमता के कारण सिंचाई जल की आवष्यकता बहुत अधिक बढ़ जाती है और संसाधनों का दुरूपयोग होता है। कृषकों को यह बात जानना अति आवष्यक है कि मिट्टी एक भौतिक माध्यम ही नहीं, अपितु जीवित माध्यम भी है, जिसमें असंख्य लाभकारी सूक्ष्म जीव निवास करते हैं, जो विभिन्न तरीकों से पौधों का पोषण करते हैं। अत: मिट्टी में इनकी संख्या सुनिष्चित करना अति...