25 Oct मृदा स्वास्थ्य कार्ड : किसानो की आज की आवश्यकता
Soil health card: Today’s requirement of farmers कृषि एवं इससे संबंधित गतिविधियां भारत में कुल सकल घरेलु उत्पाद में 30 फीसदी का योगदान करती है। कृषि सीधे तौर पर मिट्टी से जुडी है। किसानों की उन्नति मिट्टी पर निर्भर करती है, मिट्टी स्वस्थ तो किसान स्वस्थ। इसी सोच के आधार पर भारत सरकार ने 19 फरवरी 2015 को राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में किसानों के लाभ हेतु राष्ट्रव्यापी "मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना" का शुभारंभ किया। इस योजना में, किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जाता है,जिसमें उनके खेत की मिट्टी की पूरी जानकारी लिखी होती है जैसे उसमे कितनी -कितनी मात्रा किन -किन पोषक तत्वों की है और कौन- कौनसा उर्वरक किसानों को अपने खेतो में उपयोग करना होगा। यह योजना भारत के हर क्षेत्र में उपलब्ध है। सरकार ने इस योजना के तहत पुरे भारत के 14 करोड़ से भी ज्यादा किसानों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हर किसान को उसकी मृदा का स्वास्थ्य कार्ड प्रति 3 वर्ष में दिया जाता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड क्या है? मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मृदा के स्वास्थ्य से सम्बंधित सूचकों और उनसे जुडी शर्तों को प्रदर्शित करता है। ये सूचक स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों के सम्बन्ध में किसानों के व्यावहारिक अनुभवों और ज्ञान पर आधारित होते है। इसमें फसल के अनुसार, उर्वरकों के...