09 Dec Nutrient Management in Fruit Plants through Leaf Analysis
फलदार पौधों में पत्ती विश्लेषण द्वारा पोषक तत्व प्रबंधन फलदार बागीचों के विभिन्न खण्ड (ब्लाक) या खेत फल उत्पादकता में प्राय: एक दूसरे से भिन्न होते हैं। इसके बहुत से कारण हैं जैसे कि पौधों की किस्म और आयु, भूमि की किस्म एवं उसमें विद्यमान पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा इत्यादि में असमानता होना। पौधों के समुचित विकास हेतु इनमें पोषक तत्वों की न्यूनतम एंव संतुलित मात्रा का होना आवश्यक है जो कि काफी हद तक भूमि की उर्वरा शक्ति पर निर्भर करती है। भूमि में उर्वरकों का अंधाधुंध प्रयोग पौधों में पोषण संबंधी असंतुलन पैदा करता है जो फसल की पैदावार और फलों की गुणवत्ता को गंभीर रूप से कम कर सकता है एवं इससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। पौधों की समुचित बढ़ौतरी तथा फल उत्पादन क्षमता में भूमि की उर्वरा शक्ति के अनुरूप उर्वरकों का प्रयोग एक महत्वपूर्ण कारक है। इसलिए बागीचे के प्रत्येक खण्ड के पौधों में आवश्यक पोषक तत्वों की वर्तमान स्थिति जानने एवं उसके आधार पर उर्वरक निर्धारण करने के लिये भिन्न-भिन्न खण्डों के पौधों का मृदा परीक्षण के साथ-साथ पत्ती विश्लेषण बहुत ही लाभदायक है। बागवानी जैसी लंबी अवधि और गहरी जड़ वाली फसलों की पोषण स्थिति का आंकलन करने में पत्ती विश्लेषण सबसे उपयुक्त तकनीक मानी गई है। पत्ती विश्लेषण क्या है? पत्ती विश्लेषण का अर्थ...