Agriculture Knowledge for Everyone

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Cyber expansion is synonymous with a modern agricultural information system कृषि विस्तार आत्मनिर्भरता और अन्य कृषि संबंधी लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है वर्तमान समय में कृषि की तकनीकी प्रगति के लिए सूचना संचार प्रौद्योगिकी का होना जरुरी है | खेती साधन में प्रौद्योगिकी “जिस तरह से यह किया जाता है” | कृषि प्रौद्योगिकी को दो प्रमुख प्रकारों में संहिताबद्ध किया जा सकता है जिसमें सामग्री प्रौद्योगिकी और ज्ञान आधारित प्रौद्योगिकी शामिल है | ज्ञान आधारित प्रौद्योगिकी के अंतर्गत, कृषि विस्तार सेवाओं और सूचना प्रौद्योगिकी के सहयोग से "साइबर विस्तार” का शब्द आता है | साइबर विस्तार एक कृषि जानकारी का आदान प्रदान तंत्र है, परस्पर कंप्यूटर के साथ काल्पनिक स्थान पर  दूरसंचार साधनों के नेटवर्क माध्यम है । यह नेटवर्क की शक्ति का इस्तेमाल करता है, कंप्यूटर संचार और इंटरैक्टिव मल्टीमीडिया से सूचनाओं को प्रदान करता है (विजेकून, 2003)। क्यों साइबर विस्तार किसानों के लिए महत्वपूर्ण है? सीधे शब्दों में जवाब है "साइबर विस्तार उनकी पामटॉप तक पहुंचने के लिए सूचना प्रवाह के द्वार खोलता है कृषि के क्षेत्र में आई सी टी का मुख्य फोकस आवश्यकता के आधार पर किसानों को जानकारी मुहैय्या कराना है | सामान्य कृषि समाचार, नवीनतम तकनीक और प्रौद्योगिकी के बारे में जानकारी, मौसम की भविष्यवाणी, पूर्व चेतावनी और रोग और कीट प्रबंधन की, कटाई...

Importance of information technology in agriculture भारत विश्व मंच पर तेजी से बढ़ता हुआ ‘‘अर्थव्यवस्था‘‘ है। अर्थव्यवस्था की गति को बरकरार रखना चुनौतीपुर्ण है, क्योंकि भारत की जनसंख्या 1.27 अरब को पार कर गई है जो भविष्य के लिए चिंताजनक है और ज्यादा दवाब खाद्यान उत्पादन पर बढ़ गया है। कृषि योग्य भुमि अब सीमित होती जा रही है, मौसम के प्रतिकुल प्रभाव एवं उन्नत तकनीक के अभाव से किसानों को कृषि क्षेत्र से लाभ कम होता जा रहा है। इसका सबसे मुख्य कारण किसानों द्वारा परम्परागत खेती पर निर्भर रहना है। अतः किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती कर तथा सूचना प्रौधोगिकी का प्रयोग कर, अपने सीमित क्षेत्र से ज्यादा मात्रा में खाद्यान उत्पादन कर अधिक, लाभ प्राप्त कर सकते हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा समय-समय पर किसानों को वैज्ञानिक ढंग से खेती तथा सूचना प्रौधोगिकी का उपयोग कैसे किया जाए, इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण समय-समय पर दिए जाते है, जिनका मुल उद्धेशय किसानों को सूचना तकनिक का उपयोग कर अपने आप को आत्मनिर्भर बनाना तथा देश को खाद्यान उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है। सुचना प्रौधोगिकी का मुख्य उद्धेशय कृषि एवं उससे संबधित तकनीक को किसानो के तक पहुँचाना एवं उनके कृषि से संबधित सारे समस्याओं का निवारण । भारत सरकार के द्वारा ”डीजीटल इंडिया“ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक गाँव को...