25 Sep पशुुओं में गांठदार त्वचा , लम्पी स्किन डिजीज
Nodular skin, Lumpy skin disease in cattle लम्पी स्किन डिजीज (LSD) या गांठदार त्वचा रोग राजस्थान के कई जिलों में फैला हुआ है। यह एक तेजी से फैलने वाली विषाणु जनित बीमारी है। यह बीमारी पशुपालको के आर्थिक नुकसान का प्रमुख कारण है। यह रोग गाय और भैंसो में मुख्य रूप से देखा गया है। इस रोग में पशु के पूरे शरीर पर गांठे बन जाती है इस लिए इसको गांठदार त्वचा रोग भी कहते है | यह रोग भेड़ व बकरी माता जैसे विषाणु के कारण होता है। यह रोग परजीवी जैसे कीड़े ,मच्छर एवं मक्खियों के काटने से फैलता है। यह रोग संक्रमित पशु के चारे, दाने व घाव से भी फैल सकता है। इस रोग के कारण पशुओं में मृत्यु दर काफी कम होती हैं या 10 प्रतिशत तक हो सकती है, लेकिन विशेष रूप से कम उम्र के दुधारू पशुओं के अधिक प्रभावित होने से दूध उत्पादन कम हो जाता है, जिससे पशुपालक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस रोग में पशु को तेज बूखार आ जाता है, जो लगभग 6-7 दिन तक रहता है। लसिका ग्रथियों में सूजन आ जाती है। कभी -कभी पशु के नाक और आँखो से पानी आता है। पशु का दूध उत्पादन काफी कम हो जाता है। शरीर के वजन में कमी और कभी- कभी मृत्यु भी हो...