17 Oct Advanced technology of certified seed production of paddy
धान के प्रमाणित बीज उत्पादन की उत्रत तकनीक धान एक महत्वपूर्ण फसल होने के साथ-साथ भोजन का प्रमुख श्रोत्र है जिससे मनुष्य अपने शरीर के लिए कार्बोहाड्रेट की अधिकांशतः भाग की पूर्ति करता है। इसकी खेती भारतवर्ष के अधिकांशतः प्रदेषों में की जाती है। धान की अच्छी उपज लेने के लिए आनुवंशिक रूप से गुणवकतापर्ण बीज का होना बहुत जरूरी होता है। शुद्व आनुवांशिक बीज उत्पादन के लिए बुआई से लेकर भंडारण तक बहुत सारी बातों का ध्यान रखना चाहिए तभी व्यवसायी स्तर पर बीज उत्पादन कर सकते हैं। थोङी सी भूल होने पर बीज की आनुवंशिक गुण खराब हो सकते हैं इसके बहुत से कारण हैं जैसेः विकाशात्मक भिन्नताः इन सभी विषमताओं से बचने के लिए धान के फसलों का बीज उत्पादन उसी प्रदेशों एवं जगहों पर करना चाहिए जहाँ के लिए वह किस्में विकसित की गई हों। ऐसा नहीं करने पर जलवायु परिवर्तन कें चलते उन किस्में में थोङी सी भिन्नता आ सकती है। यांत्रिक मिश्रणः यह आनुवंशिक मिश्रण का प्रमुख श्रोन्न है। यदि किसान बुआई। कटाई और गहाई के समय यंन्नो की सफाई अच्छी तरह से नहीं करते हैं तो इससे भी बीज की गुणवता खराब हो सकती है। इसीलिए किसानों तथा अन्य जो धान के प्रमाणित बीज का उत्पादन करते हैं उन्हें यंन्नों तथा मङाई वाले जगहों को अच्छी तरह से...