29 Sep अच्छे प्रसंस्करण द्वारा उन्नत बीज का उत्पादन
Improved Seed Production Through Superior Processing भारत में वर्ष 2012-13 में खाद्यान उत्पादन लगभग 248 मि.टन हुआ है । इसमें गेहूँ का उत्पादन लगभग 87 मि.टन होने का अनुमान है । एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2020 तक लगभग 280 मि.टन उत्पादन की आवश्यकता होगी ताकि बढ़ती हुई जनसंख्या की मांग पूरी की जा सके । इसके अतिरिक्त जीवन स्तर बढ़ने व प्रसंस्करण उद्योगों की मांग भी पूरी की जा सकती है । चूंकि अधिक उत्पादन के लिए अतिरिक्त क्षेत्र बढ़ने की संभावना नहीं है । अत: बेहतर उत्पादकता से ही अधिक उत्पादन लिया जा सकता है । हमारे देश में उत्पादन में काफी अंतर (4.2 से 2.4 टन/है.) है इसे काफी हद तक अच्छी गुणवत्ता के बीजों के इस्तेमाल से कम किया जा सकता है । वंशानुगत शुध्दता (genetic purity), भौतिक शुध्दता (physical purity), आकार में समानता कुछ ऐसे गुण है जो कि एक अच्छे बीज की गुणवत्ता तय करते हैं । वंशानुगत शुध्दता, फसल उत्पादन से संबंधित है । लेकिन अन्य गुण उत्पादन के बाद प्रसंस्करण से सम्बन्धित हैं । खेत से उत्पादित बीज में काफी अविकसित, नष्ट हुए बीज व अन्य कई अशुध्दियां होती है इनके कारण बीज का भंडारण करते समय कीड़ों व अन्य बीमारियों का खतरा पैदा हो जाता है । बीज का भंडारण काफी महत्वपूर्ण है ।...