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Soil erosion and its management in the current environment   मानव सम्यता का अस्तित्व प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित है। उनमें मिट्टी, प्रकृति की एक अनुपम भेंट है। प्रकृति इसका संरक्षण वनस्पतियों के माध्यम से करती हैं। प्रकृति ने मिट्टी के संरक्षण के लिए जो कवच प्रदान किया है, उसे मानव हस्तक्षेप से क्षति पहुंच रही है। फलस्वरूप, मृदा क्षरण तेजी से होने लगाहै। भूमि कटाव की समस्या न केवल भारत में, बल्कि विश्वव्यापी है। देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र 32 करोड़ 90 लाख हेक्टेयर में, 17 करोड़ 50 लाख हेक्टेयर अर्थात 50 प्रतिशत से अधिक, भूमि, जल, वायु और स्थानविशिष्ट कारणों से प्रभावित हो रहा है। देश में 58 प्रतिशत भूमि की खेती...

 Soil and Groundwater Management to Improve Agriculture भारत की लगभग 60 प्रतिशत जनसंख्या अपनी आजीविका हेतु कृषि पर ही निर्भर है। कृषि की सकल घरेलू उत्पादन में भागीदारी लगभग 22 प्रतिशत है। किसानों और मजदूरों को आजीविका प्रदान करने के अतिरिक्त कृषि क्षेत्र देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करता है। कृषि उत्पादकता कई कारकों पर निर्भर करती है। इनमें कृषि इनपुट्स, जैसे जमीन, पानी, बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता और गुणवत्ता, कृषि ऋण एवं फसल बीमा की सुविधा, कृषि उत्पाद के लिए लाभकारी मूल्यों का आश्वासन, और स्टोरेज एवं मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इत्यादि शामिल हैं। पिछले कुछ दशकों में खाद्य उत्पादन का स्तर बढ़ा है लेकिन इसके साथ कई समस्याएं भी खड़ी हुई हैं जैसे...

Importance of soil testing and method of collecting soil samples भारत में मिट्टी परीक्षण सेवा 1956 मे 24 प्रयोगशालाओं के साथ शुरू हुई थी।  मृदा की जाँच एक रसायनिक प्रक्रिया है जिससे मिट्टी मे उपस्थित पौधों के पोषक तत्वों का निर्धारण व प्रबंधन किया जाता है।मृदा जांच से फसल बोने से पूर्व ही पोषक तत्वों की आवश्यक मात्रा ज्ञात की जाती है। जिससे आवश्यक उर्वरकों की पूर्ति फसल की आवश्यक्ता के अनुसार किया जा सके। मृदा जाँच के उददेश्य:– मृदा में पोषक तत्वों की सही मात्रा ज्ञात करना तथा उसके आधार पर संतुलित उर्वरकों का उपयोग करना। मृदा की विशिष्ठ दशाओं का निर्धारण करना जिससे मृदा को कृषि विधियों और मृदा सुधारक पदार्थों की...

Necessity of soil health card and soil testing कृषि‍ उत्‍पादकता बढाने के लि‍ए मृदा स्‍वास्‍थ्‍य पर ध्‍यान केंदि‍‍‍त करना अत्‍यंत आवश्‍‍‍‍यक है इस बात को ध्‍यान मे रखते हुऐ वर्तमान सरकार ने पूरे देश में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना शुरू की है। इसमे मृदा का परीक्षण करना तथा उसका ब्‍योरा रखना बहुत महत्‍वपूर्ण कार्य माना गया है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड की विशेषताएं सरकार ने इस योजना के तहत पुरे भारत के 14 करोड़ से भी ज्यादा किसानों तक इस स्कीम से जोडने की सोचा है। यह योजना भारत के हर क्षेत्र में उपलब्ध है। इस योजना से जुड़े हुए सभी किसानों को उनका मृदा स्वास्थ्य कार्ड ऑनलाइन और प्रिंट कर के दिया जाता है। मिटटी...

मृदा स्वास्थ्य में केंचुओं की भूमिका  An incredible diversity of organisms make up the soil food web. They range in size from the tiniest one-celled bacteria, algae, fungi, and protozoa, to the more complex nematodes and micro-arthropods, to the visible earthworms, insects, small vertebrates, and plants. As these organisms eat, grow, and move through the soil, they make it possible to have clean water, clean air, healthy plants, and moderated water flow. The soil food web, earthworms need the least introduction. Most people become familiar with these soft, slimy, invertebrates at a young age. Earthworms are hermaphrodites, meaning that they exhibit both male and female characteristics. They are major decomposers of dead and...

Utilities of Soil Health Card सभी किसान भाई जानते है कि फसल उत्पादन के लिए मृदा यानि मिट्टी एक बहुत ही उपयोगी प्राकृतिक माध्यम है। पौधों को अपनी बढ़वार, जड़ व तने के विकास, फूल व फलों के निर्माण आदि के लिए भोजन के रूप् में 16 पोषक तत्वों की जरूरत होती है। ये पोषक तत्व हैं C,H,O,N,P,K,Ca,Mg,S,Fe,Cu,Zn,Mo,B एंव Cl इनमें से C,H,O तो पौधे हवा एवं पानी से प्राप्त लेते है तथा शेष 13 पोषक तत्व पौधों को मिट्टी से ही प्राप्त होते है। मिट्टी से ही पौधों को आवश्यकतानुसार पानी एवं सीधा खड़े रहने के लिए यांत्रिक सहारा मिलता है इसके अलावा मिट्टी में पौधों के लिए लाभदायक कई सूक्ष्मजीव भी...

 मृदा खराब होने की अवस्‍था को धीमा करने तथा पलटनेे की रणनीति‍यॉं:  एग्रोफोरेस्ट्री की भूमिका Soil degradation implies decline in the quality and capacity of soil through natural or anthropogenic perturbations. Degradation processes include erosion, compaction and hard setting, acidification, declining soil organic matter (SOM), soil fertility depletion, biological degradation, and soil pollution. Soils are the basis for more than 90% of worldwide food production. However, about 25% of the world’s arable land is degraded. Without fertile soils, world food security is at risk. Very limited degree of agriculturally usable soil (about 12% of the total land area) is available on the earth’s surface. The degraded soils cannot be restored within a human generation....

Summer Deep Plowing: Agricultural Activity with Many Benfits जैविक कारक जैसे कि पादप रोग, निमेटोड, कीट-पतंगे एवं खरपतवार कृषि उत्पादन में बाधक है, जिनके कारण सभी प्रकार की फसलों को व्यापक हानी होती है । अत: लाभदायक फसल उत्पादन के लिए इनका नियंत्रण करना अत्यंत आवश्यक है । मृदा जनित पादप रोगों के रोगजनक जैसे कि फ्यूजेरियम, मैक्रोफोमिना फेजोलिना इत्यादि मोनो-क्रॉपिंग (लगातार खेत में एक ही फसल लेना जैसे कि खरीफ सीजन में बाजरा तथा रबी सीजन में गेहूँ की फसल उगाना) सिस्टम में आसानी से अपनी संख्या बढाते रहते हैं । एक बार जब ये रोगज़नक़ मिट्टी के पारिस्थितिकी तंत्र में स्थापित हो जाते हैं तो इनको नियंत्रण करना बेहद मुश्किल...