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Soybean यानी सोयाबीन India की important oilseed crops में से एक है। इसकी खेती mainly Kharif season में की जाती है। Soybean seed से oil के साथ-साथ soybean meal और कई दूसरे products भी तैयार किए जाते हैं। अगर आप Soybean farming शुरू करना चाहते हैं, तो सिर्फ अच्छी variety चुनना ही काफी नहीं है। सही समय पर sowing, proper plant population, weed management, balanced fertilizer, pest और disease monitoring तथा सही समय पर harvesting—इन सभी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। Quick Overview: Soybean की खेती में crop duration, seed requirement, yield और cultivation cost अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकते हैं। Soil, rainfall, variety, sowing time और farming practices का सीधा असर production पर पड़ता है। Soybean Cultivation: Basic Information Particular Information Crop Soybean Botanical Name Glycine max Crop Season Mainly Kharif Crop Type Oilseed and protein-rich crop Suitable Soil Well-drained soil with suitable moisture-holding capacity Major Growing States Madhya Pradesh, Maharashtra, Rajasthan, Karnataka और अन्य suitable regions Main Products Soybean seed, soybean oil और soybean meal Soybean की खेती के लिए Climate कैसा होना चाहिए? Soybean को warm climate और पर्याप्त moisture की जरूरत होती है। India में इसकी खेती mainly monsoon यानी Kharif season में होती है। Rainfed farming में monsoon का समय और rainfall distribution crop establishment और growth के लिए बहुत important होता है। बहुत ज्यादा पानी भी Soybean crop के लिए अच्छा नहीं होता। अगर...

सोयाबीन की सटीक खेती  सोयाबीन को बोनलेस मीट भी कहते है, जो कि लैग्यूम परिवार से है। इसका मूल उत्पति स्थान चीन माना जाता है। यह प्रोटीन के साथ साथ रेशे का भी उच्च स्त्रोत है। सोयाबीन से निकाले हुए तेल में कम मात्रा में शुद्ध वसा होती है। जलवायु :- सोयाबीन गर्म एवं नम जलवायु की फसल है। बीजों के अच्छे अंकुरण के लिए 25° से. तथा फसल की बढोत्तरी के लिएलगभग25-30°से. तापमानकी आवश्यकताहोती है। सोयाबीन की अच्छीफसल के लिए वार्षिक वर्षा 60-70 सें.मी. होनी चाहिए।   उन्नतशील किस्में:- एस एल 525, एस एल 744, एस एल 958, अलंकार,अंकुर, ली , पी के  262, पी के   308, पी के   327, पी के   416, पी के   472, पी के   564, पन्त सोयाबीन 1024, पूसा 16 , शिलाजीत, वी एल सोया  47. भूमि:- सोयाबीन केअच्छे उत्पादन के लिएदोमट मिट्टी सर्वोत्तममानी जाती है। जिसकाpH 6 से 7.5 हो। खेत की तैयारी:- खेत की तैयारी के समय, दो-तीन बार कल्टीवेटर और देशी हल से जुताई करें| बुवाईका समय:- इसकी बुवाई जून के दुसरे सप्ताह से जुलाई के प्रथम सप्ताहमें की जाती है। बीज दर:- एक हेक्टेयर खेत में 70-80 किलोग्राम बीजों की आवश्यकता होती है। दुरी:- बुवाई के समय पंक्ति से पंक्ति व पौधे से पौधे कि दुरी क्रमशः 45 सैं.मी., 8-10 सैं.मी. रखी जाती है। बीज की गहराई:- बीज की गहराई3-5 सैं.मी. रखनी चाहिये। बीज उपचार :- बीजों को मिट्टी से होने...

सोयाबीन की सटीक खेती  सोयाबीन को बोनलेस मीट भी कहते है, जो कि लैग्यूम परिवार से है। इसका मूल उत्पति स्थान चीन माना जाता है। यह प्रोटीन के साथ साथ रेशे का भी उच्च स्त्रोत है। सोयाबीन से निकाले हुए तेल में कम मात्रा में शुद्ध वसा होती है। जलवायु :- सोयाबीन गर्म एवं नम जलवायु की फसल है। बीजों के अच्छे अंकुरण के लिए 25° सेल्सियस तथा फसल की बढोत्तरी के लिए लगभग 25-30° सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है। सोयाबीन की अच्छी फसल के लिए वार्षिक वर्षा 60-70 सें.मी. होनी चाहिए। उन्नतशील सोयाबीन किस्में :-  एस एल 525, एस एल 744, एस एल 958, अलंकार,अंकुर, ली , पी के  262, पी के   308, पी के   327, पी के   416, पी के   472, पी के   564, पन्त सोयाबीन 1024, पूसा 16 , शिलाजीत, वी एल सोया  47. भूमि :- अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी उपयुक्त है। सोयाबीन की अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5  अनूकूल होता है। जल जमाव, खारी और क्षारीय मिट्टी सोयाबीन की खेती के लिए अनुकूल नहीं होती। खेत की तैयारी :- खेत की तैयारी के समय, दो-तीन बार कल्टीवेटर और देशी हल से जुताई करें| बिजाई का समय व बीज दर:- बिजाई के लिए जून के पहले पखवाड़े से जुलाई के शुरू का समय उचित होता है। एक हेक्टेयर खेत...

Quality seed production technology in soybean (Glycine max) सोयाबीन एक मुख्य तिलहनी फसल है| किसी भी फसल का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने व अधिक आर्थिक लाभ लेने के लिए अच्छी गुणवता का बीज होना अतिआवश्यक है| अभी भी सभी किसानो को सोयाबीन के अच्छी गुणवता वाले बीज उपलब्ध नही हो पा रहे है और किसान अभी भी बीजो की कमी की समस्या से जूझ रहा है जिसका सीधा प्रभाव फसल उत्पादन पर पड़ रहा है| इस समस्या के निवारण हेतु किसानो को सोयाबीन बीज उत्पादन की विभिन्न तकनीको के बारे में जानकारी होना बहुत आवश्यक है जिससे वे स्वयं अच्छी गुणवता का बीज उत्पादित कर उसको आगे की बुवाई के लिए काम में ले सके| सोयाबीन की गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन तकनीक के साथ-साथ किसान भाइयो को कुछ अन्य पहलुओं के बारे में भी जानकारी होना बहुत जरुरी है जो निम्न प्रकार है- बीज क्या है? बीज एक जीवित रचना है जिसमे भ्रूणीय पौधा सुषुप्त अवस्था में रहता है जो अनुकूल वातावरण परिस्थितियों में नए पौधे में विकसित हो जाता है| जबकि अच्छी गुणवता वाला बीज वो होता है जिसका क्षेत्र अंकुरण कम से कम 70% हो और अंकुरित बीज स्वस्थ पौधे के रूप में उग सके| गुणवत्तापूर्ण बीज की मुख्य विशेषतायें: भौतिक शुद्धता: बीज में संबंधित किस्म, अन्य किस्म, अन्य फसल, खरपतवार के बीज व कंकड़/मिट्टी की...

सोयाबीन की खेती की शस्‍य क्रि‍याऐं  Globally legumes play vital role in human nutrition since they are rich source of protein, calories, certain minerals and vitamins. Among which soybean is probably the largest source of vegetable seed oil (20%) and protein (40%). Owing the nutritional and health benefits of soybean, it excited the growers in recent years. US, Argentina, Brazil and China claims as the biggest producers of this super crop, the modern technologies and changes in their agronomic practices is worth to discuss on its possibility in Indian scenario. Area of Cultivation  Production of soybean in India (4% of global) at the present time is restricted mainly to Madhya Pradesh, Uttar Pradesh Maharashtra and Gujarat. It is also grown on a small acreage in Himachal Pradesh, Punjab and Delhi. Season of growing soyabean Soybean grows well in warm and moist climate. A temperature of 26.5 to 30°C appears to be the optimum for most of the varieties. Soil temperatures of 15.5°C or above favor rapid germination and vigorous seedling growth. A lower temperature tends to delay the flowering. Day length is the key factor in most of the soybean varieties as they are short day plants. In northern India soybean can be planted from third week of June to first fortnight of July. Soil for...