16 Jun ईख की फसल में फाॅल आर्मी वर्म से बचाव
Protection of Sugarcane Crop from Fall Armyworm फाॅल आर्मी वर्म नामक कीटका बिहार में कुछ दिनों से मक्के की फसल पर प्रकोप देखने को मिल रहा है। साथ ही यह भी सम्भावना है कि मक्का फसल की कटाई के बाद भोजन की अनुउपलब्धता में गन्ने की फसल पर इसका प्रकोप हो सकता है। अतः किसान भाईयों (विशेषकर गन्ना उत्पादकों) से अनुरोध है कि गन्ना फसल की लगातार निगरानी करते रहें जिससे समय रहते आवश्यक कदम उठाया जा सके। सर्वप्रथम यह कीट सन् 2015 में अमेरिका में मक्का, धान एवं गन्ना पर पाया गया था एवंइनके अलावा इस कीट के परपोषी पौधे घास कुल के अन्य सदस्य भी हैं। सन् 2017 के अंत तक इस कीट का प्रसार लगभग 54 अफ्रीकी देशों में हो चुका था। यह कीट टिड्डी की तरह सम्पूर्ण फसल नष्ट करने की क्षमता रखता है। भारत में सर्वप्रथमसन् 2018 में कर्नाटक में मक्का की फसल पर इसका प्रकोप पाया गया था। तत्पश्चात् आँध्रप्रदेश, बिहार, गुजरात में भी इस कीट का प्रकोप देखा गया और फसल की भारी क्षति देखने को मिली। गन्ने की फसल पर इस कीट का प्रकोप सबसे पहले तमिलनाडू में पाया गया। यह कीट एक दिन में 100 किलोमीटर की उड़ान भरने की क्षमता रखता है। फाॅल आर्मी वर्म की पहचान फाॅल आर्मी वर्म कीट के पिल्लू (लार्वा) की पहला...