Agriculture Knowledge for Everyone

tool Tag

Composite Hydrologic Index: Groundwater recharge estimation tool भूजल , पुनर्भरण वर्षा, भू-आकृति, मिट्टी के प्रकार और भूमि उपयोग, जलवायु और क्षेत्र के भूगर्भीय कारक पर निर्भर करता है। पिछले कुछ वर्षों में, भूजल पुनर्भरण में कमी आई है तथा भूजल का उपयोग बढ़ गया है। इसके परिणाम स्वरूप भारत के कई हिस्सों में पानी की गंभीर समस्या हो गई है। सिंचाई और घरेलू उपयोग के लिए पानी प्रदान करना एक प्रमुख चुनौती बन गया है। इसे सतह और भूजल संसाधनों के प्रबंधन के एकीकृत दृष्टिकोण से हल किया जा सकता है। जैसा की हम जानते हैं, भूजल पुर्नभरण और भूजल की मात्रा में बढ़ोतरी वर्षा के जल पर  निर्भर करता है। केंद्रीय भूजल बोर्ड के एक रिपोर्ट के अनुसार लगभग ५८  प्रतिशत भूजल पुर्नभरण में मानसून वर्षा का योगदान होता है। कृत्रिम भूजल पुनर्भरण के लिए सतह और भूजल संसाधनों के बीच परस्पर क्रिया की समझ होना जरूरी है। किसी क्षेत्र में कृत्रिम भूजल पुनर्भरण क्षमता की योजना और कार्यान्वयन के लिए सतही प्रवाह की क्षमता का आकलन आवश्यक है। भूजल उपयोग योजना और एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन रणनीतियों के विकास के लिए भूजल पुनर्भरण क्षमता का आकलन आवश्यक है। इस अध्ययन में बेतवा बेसिन में एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन के लिए वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण क्षमता को प्रतिरूपण करने का...