04 Apr सूक्ष्म सिंचाई में फर्टिगेशन प्रणाली
Fertigation system in micro irrigation जब ड्रिप सिंचाई प्रणाली में जल के साथ - साथ उर्वरक , कीटनाशी एवं अन्य घुलनशील रासायनिक को सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचाया जाता है, इस प्रणाली को फर्टिगेशन कहा जाता है । परंपरागत विधि की तुलना में इसमें जल के साथ रासायनिक उर्वरकों की भी अधिक मात्रा में बचत होती है एवं रसायन और उर्वरकों का दक्ष उपयोग होता है । फर्टिगेशन के लाभ पौधों को सही मात्रा में पानी और उर्वरक मिलता है । रासायनिक उर्वरक पानी के साथ मिलकर सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचते है जिससे पौधे उनको आसानी से अवशोषण करते है । जमीन के अन्य भाग में रसायन तत्व नहीं डाले जाते है इसलिए खेतों में खरपतवार की समस्या उत्त्पन्न नहीं होती है । रासायनिक तत्व को ड्रिप प्रणाली के माध्यम से ही पौधों तक पहुंचाया जाता है इसलिए श्रमिकों की लगत में कमी आती है । पौधों की उर्वरक उपयोग क्षमता बढ़ती है और उर्वरक की लगत में लगभग ५० प्रतिशत की कमी आती है । कम मात्रा में रासायनिक पदार्थों का उपयोग भूमि गत जल और मृदा प्रदुषण रोकथाम में सहायक होती है । फसल की वृद्धि और उच्च गुणवत्तायुक्त उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है । फर्टिगेशन द्वारा ड्रिप सिंचाई करके बंजर, उबड़- खाबड़ और अयोग्य जमीन को उपजाऊ और कृषि योग्य बनाया जा...