04 Dec सब्जी फसलों में सूत्रकृमि (निमेटोड) की समस्या एवं उनका रोकथाम
Problem of nematodes in vegetable crops and their preclusion सूत्रकृमि सूक्ष्म, कृमि के समान जीव है जो पतले धागे के समान होते है, जिन्हे सूक्ष्मदर्शी से आसानी से देखा जा सकता है। इनका शरीर लंबा, बेलनाकार व पूरा शरीर बिना खंडो का होता है। मादा सूत्रकृमि गोलाकार व नर सर्पिलाकार आकृति के होते है। इनका आकार 0.2 मिमी.-10 मिमी. तक हो सकता है। सूत्रकृमियों में प्रमुख रूप से फसल परजीवी सूत्रकृमि है जो कि मृदा में या पौधे की उत्तको में रहते है। इनमें मुख्य रूप से जड़ गांठ सूत्रकृमियों का विभिन्न फसलों पर प्रकोप ज्यादातर देखा गया है, जो पौधे के जड़ों पर आक्रमण करते है। जिससे जड़ों की गांठे फूल जाती है व जड़ों द्वारा जल व पोषक तत्व ग्रहण करने की क्षमता कम हो जाती है या रूक जाती है, जिससे पौधा आकार मे बौना, पौधों की पत्तियां पीली, पौधा मुरझाने लगता है एवं फसल की ओज व उपज क्षमता कम हो जाती है। इन सूत्रकृमियों के मुख्य भाग में सुर्इ के समान एक संरचना होती है जिसे स्टाइलेट कहते है, जिसके द्वारा ये जड़ों मे संक्रमण करके उसके कोशिकाओं व उत्तकों से पोषण लेते है, जिससे जड़ों का बढना रूक जाता है, जड़ें फूल जाती है व आपस में विभक्त होकर गुच्छा बना लेती है। सूत्रकृमि विभिन्न प्रकार की...