03 Feb कुशल जल प्रबंधन: कृषि के लिए एक वरदान
Smart Water Management: A boon for agriculture पानी की बढ़ती मांग दुनिया के सामने एक चुनौती है, खासकर सबसे शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में जहां पानी की कमी और पानी का तनाव महत्वपूर्ण समस्याएं हैं। पानी की कमी की स्थिति एक जगह पर तब होती है जब प्रति व्यक्ति प्रति दिन पानी की उपलब्धता 1000 घन मीटर से कम हो जाती है। भारत केे 2025 तक जल-तनावग्रस्त देश बनने की आशंका है, जिसके परिणामस्वरूप हमारे पास प्रति दिन प्रति व्यक्ति 1700 घन मीटर से कम पानी होगा। भारत में, कृषि पानी का प्रमुख उपभोक्ता (80%) है और कृषि उत्पादन के लिए पानी का उपयोग करते समय पानी के अतिरिक्त नुकसान की मात्रा भी बहुत बड़ी है। सिंचाई प्रणाली संचालन, शेड्यूलिंग और प्रबंधन के दौरान पानी का निरर्थक रिसाव एवं बहाव हो जाता है। ये नुकसान पानी के उपयोग की दक्षता को कम करते हैं और पानी के तनाव की समस्याएं भी पैदा करते हैं। हमारे देश में अधिकांश किसान जानकारी के अभाव में इन कुपरिणामों के समाधान से अनजान हैं। इसके अलावा, वे फसल की क्षति, प्रतिकूल मौसम के कारण कम उत्पादकता और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सतर्क उपायों के कम ज्ञान के कारण समस्या का सामना कर रहे हैं। हमें जल प्रबंधन की एक ऐसी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता है जो किसानों...