14 Oct गैहूं में खीरा वर्गीय सब्जियों की अंतर-रिले फसल उगाने की तकनीक
Inter relay technique for Cucumber cultivation in wheat crop सब्जियों का भारतीय कृषि में महत्वपूर्ण स्थान है। ये बहुत सी दूसरी फसलों की तुलना में प्रति ईकाई क्षेत्र में अधिक पैदावार देती है और कम समय में तैयार हो जाती है। भारत में खीरा-ककड़ी वर्गीय कुल की लगभग 20 प्रकार की सब्जियों की खेती की जाती है। इनमें धीया/ लौकी, तोरी, करेला, खीरा, तरबूज, खरबूज, ककड़ी, कद्दू /सीताफल, चप्पनकद्दृ, टिण्डा, परवल आदि मुख्य है। ये सभी बेलवाली फसलें होती हैं जो कम कैलोरी व सरलता से पचने वाली होने के साथ-साथ विटामिन्स, अमीनो अम्ल एवं खनिज लवणों का अच्छा स्त्रोत है । ये सब्जियां उत्तर भारत के मैदानी भागों में फरवरी से जून तथा जुलाई से नवबंर तक उगाई जाती है। उत्तर भारत में गैंहू, की फसल एक बड़े भू-भाग में उगाई जाती है। मार्च-अप्रैल माह में गैंहू की कटाई उपरांत अधिकाशं खेत खाली रहते है जिनमें जून-जूलाई माह में खरीफ फसल की बुवाई की जाती है। मार्च-अप्रैल से जून-जूलाई तक 80-90 दिन की इस अवधि के दौरान किसान भाई गैहूं में खीरा-ककड़ी वर्गीय सब्जियों की रिले फसल उगाकर अपनी आमदनी बढा सकते है। उत्तर भारत में साघारणत्या आलू , मटर, सरसों, तोरिया आदि फसल लेने के उपरातं अधिकतर किसान जनवरी के अंत से लेकर मार्च के प्रथम पखवाडे तक खीरा-ककड़ी वर्गीय सब्जियों...