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कीट प्रबंधन Tag

जैव कीटनाशक और कृषि में उनकी भूमिका Biopesticides is a type of pest management technique that uses natural microorganisms, plants, and other biological materials to control pests and diseases in agriculture. Biopesticides have attracted significant attention in recent years due to their eco-friendly nature, low toxicity, and ability to target specific pests. जैव कीटनाशक एक प्रकार की कीट प्रबंधन तकनीक है जो कृषि में कीटों और बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए प्राकृतिक सूक्ष्मजीवों, पौधों और अन्य जैविक सामग्रियों का उपयोग करती है। जैव कीटनाशकों ने हाल के वर्षों में अपने पर्यावरण के अनुकूल प्रकृति, कम विषाक्तता और विशिष्ट कीटों को लक्षित करने की क्षमता के कारण महत्वपूर्ण ध्यान आकर्षित किया है। इस लेख में हम आधुनिक कृषि पर जैव कीटनाशकों, उनके प्रभाव और भविष्य में उनकी भूमिका पर चर्चा करेंगे। आधुनिक कृषि में जैव कीटनाशकों के उपयोग के कई लाभ हैं। सबसे पहले, जैव कीटनाशक मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए सुरक्षित हैं। रासायनिक कीटनाशकों के विपरीत, जैव कीटनाशक मिट्टी या पानी में जहरीले अवशेष नहीं छोड़ते हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं। दूसरे, फसलों में कीटों और रोगों को नियंत्रित करने के लिए जैव कीटनाशक अत्यधिक प्रभावी होते हैं। वे कीट के जीवन चक्र को बाधित करके या कीट के शरीर रचना के विशिष्ट भागों पर हमला करके...

Thrips and their integrated pest management थ्रिप्स सूक्ष्म, पतले और मुलायम शरीर वाले कीड़े होते हैं, जो विभिन्न प्रकार के पौधों और जानवरों की कोशिकाओं को बेध कर रस को अंतर्ग्रहण करते हैं । कुछ थ्रिप्स प्रजातियां ऐसी होती हैं जो अन्य दूसरी थ्रिप्स प्रजातियों, घुन (माइट), मांहू (अफिड्स) जैसे कीड़ों पर अपना भोजन करती हैं । थ्रिप्स का लाभकारी पहलु यह है कि वे फूलों के परागण में सहायता करते हैं । अधिकतर, थ्रिप्स प्रजातियां कृषि कीट के रूप में पहचानी जा चुकी हैं, जो की कई महत्वपूर्ण फसलों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाती हैं। अब तक थ्रिप्स की लगभग 7,700 प्रजातियां दर्ज की गई हैं, जिसमें 1 प्रतिशत से भी कम कृषि फसलों के कीट माने जाते हैं। पादप भक्षी (फाइटो फेगस) नामक थ्रिप्स कोशिकाओं को बेध कर उन्हें आत्मसात करते हैं, व पौधों के फूलों, पत्तियों तथा फलों को भारी नुकसान पहुँचते हैं (Ghosh et al., 2017)। महत्वपूर्ण कीट होने के आलावा, थ्रिप्स घातक वायरस के वाहक के रूप में भी कार्य करते हैं । यह वायरस टोस्पोविरिडे परिवार से सम्बंधित जीनस ऑर्थोटोस्पोवायरस के टोस्पोवायरस की श्रेणी में आता है । दुनियाभर में इस वायरस के प्रकोप से होने वाली हानि का अनुमान लगभग 1 बिलियन डॉलर से भी अधिक है (Pappu et al., 2009)। सोयाबीन वेन नेक्रोसिस मोज़ेक वायरस...

Light Trap: An efficient IPM tool for farmers of Sipahijala, Tripura   समेकित नाशीजीव प्रबंधन (आईपीएम) किसानों के लिए एक प्रभावी नीति है | यह एक स्थायी संयंत्र संरक्षण रणनीति है जो पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित, आर्थिक रूप से व्यवहार्य और किसान हितैषी है । उधाराण के तौर पर त्रिपुरा में सिपाहीजला में जहाँ किसान कई फसलों की खेती कर रहे हैं परन्तू इन फसलों पर कीटो के हमले के कारणवश किसानों को उपज में भारी नुकसान उठाना पड रहा है | इन प्रमुख कीटों की दीर्घकालिक रोकथाम या हानि को सांस्कृतिक, जैविक, भौतिक, यांत्रिक उपकरणों, रासायनिक कीटनाशकों के संयोजन के माध्यम से प्रबंधित किया जा सकता है| कीटों और कीटनाशकों के प्रदूषण से जोखिम को कम करने / पहचानने, प्रबंधन और त्वरित निदान के लिए ये हमारे लिए सहायक हैं । आईपीएम प्रबंधन के उपकरण और रणनीति समग्र आर्थिक नुकसान को कम करने में मदद करते हैं और पशु / मानव स्वास्थ्य और पर्यावरणीय नुकसान को भी कम करता है। और यह आर्थिक चोट स्तर (EIL) के नीचे इन कीटों की आबादी को भी कम करता है। लाइट ट्रैप, आईपीएम/ जैविक खेती उत्पादकों के लिए कीट प्रबंधन के लिए उपयोग किए जाने वाले प्रभावी आईपीएम उपकरणों में से एक है। यह व्यापक रूप से निगरानी, ​​कैप्चरिंग, कीड़ों को मारने और जैव विविधता अध्ययन...

Integrated pest management in gram चने में उखटा रोग (विल्ट) इस रोग का प्रभाव खेत मे छोटे छोटे टुकडों मे दिखाई देता है।प्रारम्भ मे पौधे की ऊपरी पतियाँमुरझा जाती हैव धीरे धीरे पूरा पौधा सुखकर मर जाता है! जड़ के पास तने को चीरकर दिखने परवाहक ऊतको मे कवक जाल धागेनुमा काले रंग की संरचनाके रूपमे दिखाई देता है। नियन्त्रण फसल चक्र अपनाये। रोगरोधी किस्म आर.एस.जी-888व आर.एस.जी-896की बुवाई करे। बीजों को कार्बेन्डाजिम 50 डब्लयू.पी. 2 ग्राम या ट्राइकोड्रर्मा पाउडर 10 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से बीजोंपचार करे। 4 किलोग्राम ट्राइकोड्रर्माको 100 किलोग्राम सड़ी हुई गोबर की खाद मे मिलाकर बुवाई से पहले प्रति हैक्टयरे की दर से खेत मे मिलाये। खड़ी फसल मे रोग के लक्षण दिखाई देने पर कार्बेन्डाजिम 50 डब्लयू.पी.0.2 प्रतिशत घोल का पौधों के जड़ क्षैत्र मे छिड़काव करे। चने का स्केलेरोटीनिया तना सड़न नियन्त्रण रोग के लक्षण सबसे पहले लम्बेधब्बे के रूप मे तने पर दिखाई देते है। जिन पर कवक जाल के रूप मे दिखाई देती है! उग्र अवस्था मे तना फट जाता हैव पौधा मुरझाकर सुख जाता है!संक्रमित भाग पर काले काले गोल कवक के स्केलेरोशिया दिखाई पड़ते है बीजों को कार्बेन्डाजिम+मेन्कौजेब (साफ) 2 ग्राम या ट्राइकोड्रर्मा पाउडर 10 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से बीजोंपचार करे। खड़ी फसल मे बुवाई के 50-60 दिन बाद रोग के लक्षण दिखाई देने पर कार्बेन्डाजिम+मेन्कौजेब...

भि‍ंडी फसल 12 प्रमुख कीटों का एकीकृत कीट प्रबंधन Okra (Abelmoschus esculentus), is an important vegetable crop grown throughout the year in India. The crop is attacked by number of pests of which shoot and fruit borer, leafhopper, whitefly, red spider mite, solenopsis mealy bug and root-knot nematode are most serious causing substantial reduction in crop growth and yield. In the present document the identification, life-history, nature of damage, management and various IPM practices have been discussed to save the crop from pests damage. The productivity of Okra in India is low compared to other countries due to yield losses caused by insect pests, diseases and nematodes. The crop is attacked by more than 72 insect pests and infests the crop from seedling to harvest stage. The shoot and fruit borer (Earias vittella), fruit borer(Helicoverpa armigera), leaf roller (Sylepta derogata), leafhopper (Amrasca biguttula biguttula), whitefly (Bemisia tabaci), aphid (Aphis gossypii), solenopsis mealy bug (Phenacoccus solenopsis), dusky cotton bug (Oxycarenus hyalinipennis), red cotton bug (Dysdercus koenigii),  red spider mite (Tetranychus urticae) and root-knot nematode (Meloidogyne incognita) are some of important pests which cause damage in okra crop. Integrated pest management practices are being discussed for 12  important Okra crops. 1. Shoot and fruit borer (Earias vittella): Identification: The E. vittella moths measure about 2.5 cm across the...