13 Oct खेती में ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों का सही चुनाव: छोटे किसानों के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन
ट्रैक्टर और कृषि यंत्र खरीदने से पहले जानें सही हॉर्सपावर, उपकरणों का चुनाव, खरीदने या किराए पर लेने के फायदे और रखरखाव के जरूरी सुझाव।...
ट्रैक्टर और कृषि यंत्र खरीदने से पहले जानें सही हॉर्सपावर, उपकरणों का चुनाव, खरीदने या किराए पर लेने के फायदे और रखरखाव के जरूरी सुझाव।...
Sustainable agricultural mechanization is a game-changer for modern farming. By improving input use efficiency, reducing environmental impacts, and increasing economic returns, it paves the way for a more resilient and productive agricultural sector....
Maintenance of farm machinery कृषि हमारा जीवन है। यह हमारे देश एवं राज्य की अर्थव्यवस्था का मेरुदण्ड है। राज्य में ही नही पुरे देश में प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता है पर आज आवश्यकता है इन संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग से कृषि उत्पादकता को शीघ्र बढ़ाने की, इसलिए कृषि यंत्रों का योगदान कृषि में पैदावार बढ़ाने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है । इन यंत्रों की आवयकता खेत की तैयारी से लेकर अनाज को बाजार पहुँचाने तक प्रत्येक कार्य में होता है। अतः इन उन्नत कृषि यत्रों के रख रखाव के बारे में जाने बिना उन्हें प्रयोग करने से किसान भाइयों की परेशानी बढ़ जाने की संभावना है। इसलिए किसी भी यंत्र को प्रयोग करने से पहले उससे संबधित सभी उपलब्ध जानकारी प्राप्त कर लेना चाहिए एवं सही निर्देशों के अनुसार यंत्र की देख-रेख करना चाहिए। कृषि में मुख्यतः निम्न प्रक्रियायों में यंत्रो का परिचालन किया जाता है जैसे: भूमि समतलीकरण, जुताई, बुआई, फसल सुरक्षा, कटाई एवं गहाई। भूमि समतलीकरण (लेज़र लेवेलर) यंत्र एवं उसका रख-रखाव लेज़र लेवलर सूक्ष्मता खेती का बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू है। यह परंपरागत विधियों से एकदम हटकर एक अत्याधुनिक तकनीक है। जिसमे किरणों के द्वारा ट्रेक्टर के पीछे लगे मांझा (बकेट) को नियंत्रित करके भूमि को पूर्णतया समतल किया जाता है। लेज़र लेवलर के भाग : ट्रेक्टर 50 हार्स पॉवर, ट्रांसमीटर , सेंसर...
Agricultural Production will increase with the use of modern equipment आधुनिक कृषि एवं मशीनों के द्वारा समय की बचत के अलावा श्रम, ईंधन एवं खर्च के साथ- साथ प्राकृतिक संसाधनों का सरंक्षण भी होता हैं तथा बेहतर उपज भी प्राप्त की जा सकती हैं। इससे जहा एक और खाद्यान्न की बढ़ती हुई मांग की पूर्ति की जा सकती हैं, वही दूसरी और किसानों को भी अपनी उपज का पर्याप्त लाभ मिलेगा। खेती में आधुनिक कृषि एवं मशीनों का इस्तेमाल समय की जरूरत हैं। किसानों को अगर पैदावार एवं आय बढ़ानी हैं तो आधुनिक कृषि एवं मशीनों का उपयोग करना ही होगा। खेती और उससे जुड़े कार्यों में श्रमिकों की कमी एक बड़ी समस्या बन गयी हैं, कृषि मशीनों से इस कमी को पूरा किया जा सकता है। आधुनिक कृषि यंत्रो के उपयोग से दूसरा लाभ यह हैं कि इनसे कार्यों को करने में कम समय लगता हैं। समय कम लगने से समस्त कार्य समय अनुसार पुरे किये जा सकते हैं। कृषि कार्यों का समय पर होना बहुत महत्वपूर्ण हैं। भारतीय कृषि ने आजादी के बाद खादन्न उत्पादन के क्षेत्र में पांच गुना से अधिक बढ़ोतरी का सफर तय किया हैं। इससे देश कि निरंतर बढ़ती हुई जनसंख्या का भरण पोषण किया जा सका हैं। इस सफलता में हरित क्रांति का विशेष योगदान हैं...
Applications of Unmanned Aerial Vehicles Drones in Agriculture मानव रहित हवाई वाहन (UAV) को आमतौर पर ड्रोन के रूप में भी जाना जाता है׀ एक मानवरहित हवाई वाहन (यूएवी) एक प्रकार का विमान है जो मानव पायलट के बिना काम करता है׀ पिछले 10-15 वर्षों में, रेडियो नियंत्रित मॉडल से उच्च अंत प्रौद्योगिकी परिवर्तनों के साथ, ड्रोन विभिन्न प्रकार के कार्यों से एकीकृत हैं׀ मूल रूप से, ड्रोन प्रौद्योगिकी विमान-रोधी लक्ष्यों का संचालन करने, खुफिया जानकारी जुटाने और दुश्मन के कुछ क्षेत्रों पर नजर रखने के लिए सेना द्वारा नियोजित की जाती थी परन्तू आजकल ड्रोन तकनीक का उपयोग आम नागरिकों द्वारा भी विभिन्न प्रकार के लिए कार्यों मे किया जाता है। कृषि में अभी तक ड्रोन का उपयोग कुछ ही जगह पर किया जा रहा है। इसलिए, कृषि में यूएवी यानि मानव रहित हवाई वाहन के उपयोग की काफी संभावनाए हैं। यूएवी एसोसिएशन, इंटरनेशनल ने हर साल 85-92% की वार्षिक वृद्धि , विशेष रूप से कृषि के बाजार में, दर्ज की है। वास्तव में, कृषि ड्रोन बाजार आने वाले वर्षों में 38% से अधिक बढ़ने की उम्मीद है। बढ़ती जनसंख्या स्तर और बदलते जलवायु पैटर्न के कारण, कुशल कृषि की आवश्यकता अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है। यूएवी के प्रकार यूएवी के चार प्रमुख प्रकारों की पहचान की जाती है, जो हैं: मल्टी रोटर यूएवी फिक्स्ड -...
Some important points for periodic care and safety of tractor and tractor driver ट्रैक्टर एक स्व-चालित मशीन है जिसका उपयोग कृषि मशीन के संचालन के लिए किया जाता है। ट्रैक्टर कई प्रकार के छोटे-छोटे उपकरणों से मिलकर बना है जो कृषि में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कृषि फार्म पर लगभग 90% काम ट्रैक्टर से किया जाता है। अपने ट्रैक्टर को लंबे समय तक सबसे कम खर्चों में अच्छी तरह से काम करने के लिए और ट्रैक्टर की दक्षता को नियमित बनाये रखने के लिऍ ट्रैक्टर का समय-समय पर देख-रेख एवं रख-रखाव अति आवश्यक होता है, ट्रैक्टर की समय-समय पर देख-रेख तथा रख-रखाव 10-12 घंटे के फील्ड वर्क के बाद ट्रैक्टर के लिए दैनिक निरीक्षण कार्य। रेडिएटर के पानी या कुलेटं की जांच करें और अगऱ रेडियेटऱ मे पानी या कुलेटं पुऱा नही है तो इसे फिर से भरें। पूर्व एयर क्लीनर खोलकर साफ करे और एयर क्लीनर मे तेल के स्तर की जांच करें। यदि यह सटीक लेवल से कम है तो तेल को सटीक स्तर के निशान तक पुरा करे । यदि मौजूदा तेल गंदा हो गया है तो साफ तेल भरें। इंजन में तेल के स्तर की जाँच अवशय करें जो इंजन के ठंडा होने के लगभग 15 - 20 मिनट के बाद किया जा सकता है। यदि तेल सटीक लेवल से कम है...